कानपुर के शहीद दीपक पांडेय जीवन में कुछ कर गुजर जाना चाहते थे। लोग यह बातें दोहराते नजर आए। परिवार मूल रूप से बिल्हौर का बछना गांव निवासी है। दोस्त नीरज, आदित्य, यशवेंद्र, सागर, आकाश ने बताया कि वह क्रिकेट का शौकीन था। हमेशा पहले बल्लेबाजी करने की कोशिश करता था। युवराज सिंह पंसदीदा खिलाड़ी रहे। उसे मिमिक्री का भी शौक था।
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इसलिए साथी उसे एक्टर भी कहकर पुकारते थे। दीपक का घरेलू नाम रामजी है। साथियों ने बताया कि वह एक जिंदादिल इंसान था। उसे ट्यूशन पढ़ाने वाले गोविंद पांडेय फफक कर रो पड़े। पड़ोसी रिंकू बोले कि वह मुझे क्रिकेट नहीं खिलाता था। कहता था आप गेंद दूर मार देंगे।
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बना रहा था घर, शादी की थी तैयारी
परिजनों ने बताया कि वह घर बनवा रहा था। शादी नहीं कर रहा था। कहता था कि पहले घर बन जाए। एक दो जगह शादी की बात काफी करीब पहुंच चुकी थी। उधर सेवानिवृत मेजर योगेंद्र सिंह कटियार ने कैडो (चकेरी एयरफोर्स चकेरी) डीवी मुरली से शहीद के पिता रामप्रकाश पांडेय से बात कराई।
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कैडो ने संवेदना व्यक्त की। महापौर प्रमिला पांडेय, सेवानिवृत सूबेदार मेजर केके सिंह, सार्जेंट महेश मिश्रा, सार्जेंट मौर्या, कर्नल कौैशल ने भी सांत्वना दी। बताया गया कि सैन्य सम्मान के साथ शहीद दीपक का अंतिम संस्कार होगा। इसमें वायुसेना की टीम शिरकत करेगी।
स्कूल में अवकाश, सिर्फ बोर्ड परीक्षाएं
शहीद दीपक पांडेय सरस्वती विद्या निकेतन इंटर कालेज हरजेंदर नगर का छात्र था। शहादत के बाद स्कूल प्रशासन ने गुरुवार को बोर्ड परीक्षाएं को छोड़कर बाकी काम बंद रखने का फैसला लिया है।