भारत की ओर से आतंकवादियों के खिलाफ की गई कार्रवाई पर पाकिस्तान की ओर से की जा रही जवाबी कार्रवाई से देश की सीमा पर तैनात सैनिकों के परिवार के लोगों में भी गुस्सा है। उनकी इच्छा है कि सरहद पर तैनात उनका बेटा व भाई भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे।
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सैनिकों के परिवार सेना की कार्रवाई पर पल-पल नजर रख रहे हैं और उनका हौसला बढ़ा रहे हैं। पाकिस्तान की सेना को धूल चटाने के वक्त का इंतजार कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ परिवारों से अमर उजाला ने बातचीत की।
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बीघापुर तहसील के पनई बुजुर्ग गांव निवासी पूर्व सैनिक कैप्टन योगेंद्र बहादुर सिंह ने तीस साल देश की सेवा की। उनका इकलौता बेटा नितिन सिंह भी थल सेना में है। फोन पर बेटे से बात करते हुए योगेंद्र बहादुर सिंह ने साफ कह दिया है कि बेटा मौका मिले तो दुश्मन देश की सेना के कम से कम 100 जवानों को मार के आना।
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बेटे का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि यह वक्त देश की आन-बान और शान को और ऊचाइयों तक पहुंचाने का है। कैप्टन योगेंद्र सिंह ने बताया कि पाकिस्तान की सेना किसी भी स्तर पर हमारा (हिंदुस्तान) का मुकाबला नहीं कर सकती है।
उन्होंने कहा कि हमारी वायुसेना ने तो आतंकियों के ट्रेनिंग कैंपों पर बम गिराए थे। पाकिस्तान खुद को आतंकवाद से पीड़ित बताता है। ऐसे में उसे तो भारत का साथ देना चाहिए था, लेकिन जवाबी कार्रवाई से उसकी असलियत दुनिया के सामने आ गई है।