देश के पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर मंगलवार से मालगाड़ियां दौड़ने लगीं। कॉरिडोर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार सुबह वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हरी झंडी दिखाकर किया। उनके हरी झंडी दिखाते ही न्यू भाऊपुर और न्यू खुर्जा डीएफसी स्टेशन से मालगाड़ियां रवाना हुईं।
116 वैगनों वाली करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी मालगाड़ियों की औसत स्पीड करीब 65 किलोमीटर प्रति घंटा रही। बीच-बीच में ट्रेनों ने 100 के आंकड़े को भी छुआ। भाऊपुर से खुर्जा तक का यह फ्रेट कॉरिडोर 351 किलोमीटर लंबा है।
कोयला लेकर गई, खुर्जा से खाद्यान्न लेकर आई
इस ट्रैक के उद्घाटन के साथ ही भारतीय रेल ने नये आयाम को भी छुआ है। डेढ़ किलोमीटर लंबी मालगाड़ी ने पहली बार इतने कम समय में 351 किमी दूरी तय की है। न्यू भाऊपुर स्टेशन से मालगाड़ी कोयला लेकर सुबह 11:22 बजे रवाना हुई और न्यू खुर्जा शाम 4:24 बजे पहुंची। खुर्जा पहुंचने में पांच घंटे दो मिनट लगे। न्यू खुर्जा से खाद्यान्न लेकर मालगाड़ी सुबह 11:22 बजे चली और भाऊपुर शाम 4:40 बजे पहुंची। इस ट्रेन को पांच घंटे 18 मिनट लगे।
मार्च में दादरी तो दिसंबर में प्रयागराज तक पूरा होगा ट्रैक
पूर्वी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (ईडीएफसी) का 351 किमी का सेक्शन शुरू हो गया है। अगले सप्ताह तक 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इस ट्रैक पर मालगाड़ियां दौड़ने लगेंगी। खुर्जा से आगे यूपी के दादरी तक मार्च 2021 में डीएफसी का काम पूरा हो जाएगा।
दादरी डीएफसी का वह स्टेशन है, जहां वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्लूडीएफसी) का मिलन होगा। वेस्टर्न डीएफसी मुंबई के जवाहर लाल नेहरू बंदरगाह से दादरी तक बन रहा है। वहीं, कानपुर देहात के भाऊपुर से प्रयागराज के सुजातपुर तक 185 किमी का डीएफसी दिसंबर 2021 में पूरा होगा।
इसके बाद कानपुर तक दिल्ली-हावड़ा रूट पर एक भी मालगाड़ी नहीं चलेगी। यह मेन लाइन पूरी तरह से यात्री ट्रेनों के लिए आरक्षित हो जाएगी। भाऊपुर के आगे प्रयागराज रूट पर डीएफसी का निर्माण चल रहा है।
14 से घटकर आठ फीसदी हो जाएगा ट्रांसपोर्टेशन खर्च
डीएफसी पर मालगाड़ियों का संचालन होते ही ट्रांसपोर्टेशन पर आने वाला खर्च 14 प्रतिशत से घटकर आठ प्रतिशत पर आ जाएगा। उद्यमियों का खर्च कम होगा तो उत्पादों की लागत भी कम होगी। इसका सीधा फायदा आम लोगों को मिलेगा। दरअसल मालगाड़ियों के लिए अलग कॉरिडोर बनने से रेलवे का खर्चा कम हो जाएगा। घंटोें खड़ी रहने वाली मालगाड़ी पर खर्च होने वाली बिजली बचेगी। इस तरह के कई खर्चे कम होने से ट्रांसपोर्ट चार्ज भी कम होगा।
जून-2022 में पूरा हो जाएगा डीएफसी प्रोजेक्ट
डीएफसी के डायरेक्टर प्रोजेक्ट अंशुमान शर्मा ने बताया कि पूर्वी डीएफसी का प्रोजेक्ट जून 2022 में पूरा हो जाएगी। यह पंजाब के लुधियाना से पश्चिम बंगाल के हुगली शहर के दानकुनी तक बनना है। पहले इसे बिहार के सोन नगर तक बनना था। बाद में इसे 538 किमी बढ़ाया गया है। यह डीएफसी 1856 किलोमीटर का है। वेस्टर्न डीएफसी भी जून 2022 में पूरा हो जाएगा।
यूपी में 1077 किमी है डीएफसी
पूर्वी डीएफसी के 1856 किमी लंबे ट्रैक का 1077 किमी उत्तर प्रदेश में आता है। इसे बनाने में 16 हजार करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। खुर्जा से भाऊपुर तक के सेक्शन को पूरा करने में 5700 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। देश में व्यापारिक गतिविधियों का करीब 50 प्रतिशत माल भाड़ा और ट्रांसपोर्ट पूर्वी और पश्चिम डीएफसी के रूट पर ही होता है।
भाऊपुर में वेयरहाउस और शेड बनेगा
डीएफसी के न्यू भाऊपुर स्टेशन के पास खाद्यान्न व दूसरा माल भंडारित करने के लिए वेयर हाउस और शेड बनेगा। इनमें मालगाड़ियों को खड़ा रखने की क्षमता होगी और लोडिंग-अनलोडिंग के लिए ट्रकों के आवाजाही की बेहतर सुविधाएं होंगी। डीएफसी के अधिकारी बीएस गरियाल के मुताबिक शेड का काम भी जल्दी ही चालू हो जाएगा।
मेन लाइन पर 130 की स्पीड से दौड़ेंगी यात्री ट्रेनें
हावड़ा-दिल्ली मेन रेल लाइन पर 351 किमी के सेक्शन पर मालगाड़ियों का संचालन बंद होने से ट्रैफिक लोड कम होगा। इससे यात्री ट्रेनों की गति बढ़ा दी जाएगी। रेलवे तमाम प्रमुख ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा कर चुका है। अब जल्द ही सभी मेल, एक्सप्रेस ट्रेनों की स्पीड 130 किमी प्रति घंटा हो जाएगी।
पीएम बोले, कानपुर की लेदर इंडस्ट्री को होगा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह डीएफसी देश में औद्योगिक, आर्थिक और कृषि सुधारों में अहम भूमिका निभाएगा। कानपुर की लेदर इंडस्ट्री को भी इसका फायदा होगा। यहां के उत्पाद आसानी से कहीं भेजे जा सकेंगे, जबकि औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल मंगवाने में भी सुविधा होगी।