औरैया के कंचौसी के समीप ग्राम चमरौआ में दोपहर में गांव में सन्नाटा पसरा था। उसी समय गांव के सन्नाटे को चीरती हुई पुलिस की गाड़ियां गांव में पहुचने लगीं। अभी तक गांव वालों को कुछ भी पता नहीं था। गांव के लखमीचंद के घर के अंदर धड़धड़ाती हुई पुलिस की टीमें पहुचीं।
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दीपिका की फाइल फोटो।
यहां फाँसी के फंदे पर पति पत्नी की लाशें टंगी थीं। चमरौआ निवासी राजबहादुर उर्फ मिंटू (20) पुत्र लखमीचंद्र पत्नी दीपिका (18) के साथ गांव के मकान में रहता था। मिंटू बीएड कर चुका है, जबकि दीपिका बीएड कर रही थी। मिंटू अपने ही घर में डेयरी चलाता है। शनिवार सुबह पति-पत्नी में किसी बात को लेकर तकरार हो गई, तो मिंटू घर से निकलकर अपनी दुकान चला गया। इसी बीच दीपिका ने फांसी लगा ली। काफी देर बाद जब मिंटू घर गया, तो कमरा बंद मिला। उसने किसी तरह दरवाजा तोड़ा और जैसे ही अंदर दाखिल हुआ तो देखा दीपिका का शव फंदे से झूल रहा था। उसने तुरंत दिबियापुर निवासी पिता व सास शीला देवी पत्नी सतीश चंद्र निवासी वीरपुरा, उसराहार, इटावा का सूचना दी।
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मिंटू की फाइल फोटो।
इसके बाद उसने भी फांसी लगाकर जान दे दी। सास शीला देवी ने यूपी 100 को घटना की सूचना दी। इसके बाद दिबियापुर पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा दोनों के शव फांसी पर झूल रहे हैं। गांव वालों को घटना की जानकारी हुई तो हड़कंप मच गया। एसपी संजीव त्यागी व सीओ भाष्कर वर्मा भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद होने की जानकारी सामने आई है।
प्रधानी का चुनाव भी लड़ चुका था मिंटू
मिंटू मिलनसार था। पिछली बार वह गांव में प्रधानी का चुनाव लड़ा था, मगर कुछ वोटों से हार गया। इसके बाद वह डेयरी का काम करने लगा।
घर में सबसे छोटा था मिंटू
मिंटू का बड़ा भाई टीचर है तो बीच वाला भाई सहकारी समिति में सचिव है। मिंटू घर में सबसे छोटा था और बीच वाले भाई से पहले मिंटू ने अपनी शादी कर ली थी।
सात फरवरी को हुई थी शादी
मिंटू व दीपिका के बीच प्रेम प्रसंग था। परिजनों से जब दोनों ने बात बताई, तो सजातीय होने के कारण परिजन मान गए। इसी साल छह फरवरी को दोनों का विवाह धूमधाम से हुआ था।