कोई प्रतिक्रिया नहीं होने पर कथा वाचक आयोजक की मदद से उनको लेकर जिला अस्पताल गए। वहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। उधर, सूचना मिलने पर जिला अस्पताल पहुंचे परिजन बिलख पड़े। पोस्टमार्टम से इनकार कर परिजन शव लेकर गांव चले गए।
रूरा थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार ने बताया कि किसी ने मामले की जानकारी नहीं दी। इधर, कथा आयोजक समिति के अनिल बाजपेई ने बताया कि घटना की वजह से कथा को विराम दिया गया है। परिजनों शव को अजारा गांव लेकर लौट गए हैं।