उत्तर प्रदेश के इटावा में एक बड़ा खुलासा हुआ है। गोरखपुर मामले के बाद फर्रुखाबाद कांड और अब इन सबसे बड़ा मामला सामने आया है इटावा में।
जानकारी मिली है कि यहां सैफ़ई ग्रामीण आर्युविज्ञान संस्थान में पिछले एक महीने के अंदर 92 बच्चों की इलाज के दौरान मौत हुई है। खबर के सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। बता दें हॉस्पिटल प्रशासन ने मौत की पुष्टि की है जिसके बाद इटावा सीएमओ ने जांच की बात कही है।
गौरतलब है सैफ़ई में अगस्त माह में 1464 बच्चे सैफ़ई ग्रामीण आर्युविज्ञान संस्थान में भर्ती हुए। इनमें 92 बच्चों की मौत हुई। 33 बच्चे ऐसे है जो होम डिलीवरी या पीएचसी डिलीवरी होने के बाद भर्ती हुए।
जिनमें अधिकतर प्रिमिच्यॉर केस शामिल हैं। 12 बच्चे सैफ़ई के हैं जबकि बाकी विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल होने के बाद अस्पताल में भर्ती किए गए थे। कुलपति डॉक्टर डी प्रभाकर का कहना है कि यहां पूरे प्रदेश से बेहतरीन ऑक्सीजन प्लांट लगा है। यहां ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं हुई है और न ही बच्चों की मौत ऑक्सीजन की कमी के चलते हुई है।