मुझे कुछ नहीं पता क्या हो गया
जब जमीन पर नरेशानंद पड़े थे तब वहां मौजूद लोगों ने उनके कई वीडियो बनाए। जिसमें उनसे सभी पूछ रहे थे कि यह कैसे हो गया। किसी ने हमला कर दिया? इस पर नरेशानंद बार-बार यही बोल रहे थे कि उनको नहीं पता क्या हो गया। बीच-बीच में वह अस्पष्ट जवाब दे रहे थे। जब यह पूछा गया कि क्या खुद ही मार लिया तो भी सही जवाब नहीं दे रहे थे। हालांकि एसीपी का कहना है कि जांच के दौरान जब नरेशानंद से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि दिमाग में कुछ हो गया था, इसलिए मार लिया।
फोरेंसिक ने जुटाए साक्ष्य, लिए फिंगर प्रिंट
मंदिर के किचन, बरामदे में खून फैला हुआ था। फोरेंसिक टीम ने खून से सना चाकू कब्जे में लिया। उससे फिंगर प्रिंट भी लिए। नरेशानंद के फिंगर प्रिंट लेकर उससे मैच कराए जाएंगे। जिससे स्पष्ट हो जाएगा कि खुद अपने आप गर्दन रेती या किसी अन्य ने।
बोले थे, उलझन हो रही है...
गोपालेश्वर धाम में महंत कृपालदास, गिल्लनदास, कालिदास, सव्वन, अनिलदास और सेवादास रहते हैं। महंत ने बताया कि गुरुवार सुबह नरेशानंद उनके पास आए थे। कहा था कि उनको उलझन हो रही है। थोड़ी देर बाद कहा कि उनको भूख लगी है। तब वह किचन में गए। बर्तन धुल ही रहे थे कि उसी दौरान घटना हुई।
बता दें कि कानपुर में पुजारी पर जानलेवा हमले का मामला सामने आया है। गोपालेश्वर धाम के पुजारी नरेशानंद घायल हालत में मिले। हमलावरों ने धारदार हथियार से उनकी गर्दन रेती दी। गंभीर हालत में उन्हें हैलट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन में जुट गई। पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है।