गिरोह के 40 सदस्यों की पहचान
एसपी गंगटोक ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि गिरोह में 40 लोग शामिल हैं। इनमें 16 की गिरफ्तारी हो चुकी है। 24 ऐसे शातिर हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। चकेरी निवासी शातिर एटीएम से छेड़छाड़ करने वाला कमलकांत भी वहीं पर है। गिरोह में वह भी शामिल है। एसपी ने बताया कि कमल का नाम सामने आया है। उसकी भी तलाश जारी है।
इस तरह लगाते थे चपत, फर्जी खातों का इस्तेमाल
शातिर गरीब, मजबूर लोगों को रुपयों का लालच देकर उनके दस्तावेजों पर बैंक खाते खुलवाते हैं। उसमें एक मुश्त रकम जमा करते हैं। उसके बाद एटीएम से पैसे निकालते हैं। ट्रांजेक्शन के वक्त एटीएम में क्लिप फंसा देते हैं। इससे पैसा निकल आता है, लेकिन तकनीकी तौर पर ट्रांजेक्शन रद्द दिखाता है। उसके बाद ये शातिर संबंधित बैंक के कस्टमर केयर को कॉल करके शिकायत दर्ज कराते हैं। बैंक वह रकम वापस खातों में भेज देता है। इसी तरह से करोड़ों रुपये की चपत गिरोह लगा चुका है।
शहर में दी जाती है ट्रेनिंग
कानपुर एटीएम से छेड़छाड़ कर रकम ठगने वालों का गढ़ बन गया है। खासकर चकेरी, नर्वल का करबिगवां गांव, घाटमपुर इलाकों में बाकायदा हैकिंग की ट्रेनिंग दी जाती है। कमलकांत, रितेश, टीटू पंडित, कुलदीप पाल, राजवर्धन, यशवर्धन जैसे बड़े हैकर हैं, जो कई गिरोह चलाते हैं।
इनकी हुई गिरफ्तार
अभिषेक यादव, विमान नगर चकेरी, मोहित गौतम, रामादेवी, रिषि कश्यप, 37 बटालियन पीएस ओल्ड लाइन, कानपुर, अभिजीत यादव, गिरिजानगर, न्यू पीएसी लाइन, कानपुर, मोहम्मद फैज, लाल बंगला, चकेरी, मनीष कुमार, गिरिजानगर, कानपुर, मनीष यादव, श्याम नगर, विजय सरकार, श्याम नगर, सौरभ सिंह, शिवकटरा चकेरी, किशन कश्यप, विमान नगर चकेरी, सूरज अग्निहोत्री, बिल्हौर, सत्यनाथ मिश्रा, अयोध्या, सचिन कुमार, बिलगराम, हरदोई, अभिजीत सिंह, हरदोई, राजकुमार मीणा, राजस्थान शामिल हैं।