फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'I LOVE YOU पापा-मम्मी', लेटर लिख घर छोड़ने वाले छात्र की यहां मिली लाश, बाप बोला- काश! तुम समझ पाते कि...

Tue, 30 Jan 2024 12:42 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में ऑनलाइन गेम में 50 रुपये हारने के बाद घर छोड़कर गए छात्र का शव मिल गया है। छात्र का शव रामगंगा नहर के चैनल में फंसा मिला। शव मिलने के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
विज्ञापन
छात्र का शव नहर में मिला - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के गोविंदनगर थाना इलाके के दादानगर, रामगंगा नहर के चैनल में एक शव रविवार को फंसा मिला। लाश ऑर्डिनेंस फैक्टरी कर्मी के इकलौते बेटे की निकली। ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान पिता के खाते से 50 हजार रुपये हारने के बाद वह खत लिखकर 15 जनवरी को घर से लापता हो गया था। 
विज्ञापन


घर छोड़े लेटर में उसने नहर में कूदकर जान देने की बात कही थी। मूलरूप से छपरा, बिहार के रहने वाले ऑर्डिनेंस फैक्टरी में मशीन ऑपरेटर नितेश कुमार परिवार के साथ अर्मापुर में रहते थे। उनके इकलौता बेटे नितिन (17) को ऑनलाइन गेम खेलने की लत थी। 

पिता के मोबाइल से ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान उसने उनके खाते से 50 हजार रुपये गंवा दिए थे। इसे लेकर वह अवसाद में चला गया। 15 जनवरी की शाम को वह लापता हो गया। पुलिस को घर से नितिन द्वारा लिखा गया एक पत्र मिला, जिसमें उसने घर के सभी सदस्यों से माफी मांगी थी। 
विज्ञापन


बहनों से अपना और मां और पिता का ख्याल रखने के लिए कहा था। पिता के 50 हजार रुपये गंवाने और अपनी ही नजरों में गिरने की बात लिखी थी। नितिन की गुमशुदगी दर्ज करने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन कहीं सुराग नहीं मिला। 

रविवार को पुलिस को दादानगर नहर में एक अज्ञात शव मिला, जिसे मोर्चरी भेजा गया था। परिजन रविवार शाम को भी पहचान के लिए मोर्चरी गए थे, लेकिन अंधेरा और शव फूला होने के कारण पहचान नहीं कर सके थे। सोमवार को मोर्चरी पहुंचे पिता को फिर से शव दिखाया गया तो उसके गले में पड़ी रुद्राक्ष की माला के जरिये शिनाख्त कर ली।

तीन बहनों में अकेला भाई था नितिन
नितिन के शव की शिनाख्त होते ही परिवार में कोहराम मच गया। नितिन घर का इकलौता चिराग था। वह तीन बहनों प्रिया, प्रीति और कशिश के बीच इकलौता भाई था। पनकी स्थित वीरेंद्र स्वरूप इंटर कॉलेज में पढ़ाई कर रहा था। बेटे की मौत खबर से मां बदहवास हो गई। मां, बहनों की हालत देख हर किसी की आंख नम हो गई।

बेटा...काश तुम समझ पाते कि मेरे लिए तुम जरूरी थे, रुपये नहीं
इकलौते बेटे का शव देखकर पिता नितेश कुमार फफक पड़े। वो अपने दोनों हाथ छाती पर लगाकर आसमान की ओर देखते हुए बोले, बेटा...काश तुम यह समझ पाते कि मेरे लिए तुम जरूरी थे, रुपये नहीं...। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू बह निकले। 

परिजनों ने बताया कि नितिन पूर्व में भी ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान रुपये हार गया था। उस वक्त पिता ने उसकी आदत सुधारने के लिए उससे कुछ दिनों तक बात नहीं की थी। बाद में उसे समझाकर माफ कर दिया था। दोबारा फिर से गलती होने पर नितिन इस कदर आत्मग्लानि में डूबा की फिर उबर नहीं पाया, जो उसके द्वारा लिखे गए पत्र से भी स्पष्ट था।

दो सप्ताह पुराना शव, फिर भी डूबने से नहीं हुई मौत
पोस्टमार्टम हाउस में सोमवार को शव को पोस्टमार्टम हुआ। सूत्रों के अनुसार डॉक्टरों ने शव के करीब दो सप्ताह पुराना होने की पुष्टि की। ऐसे में साफ है कि नितिन ने घर से निकलने के बाद ही जान दे दी होगी। 

 

वहीं, शव के फेफड़ों में करीब 400 मिली लीटर ही पानी मिला। ऐसे में डॉक्टर उसके डूबने से मौत न होने की बात कर रहे हैं। मौत का कारण स्पष्ट करने के लिए बिसरा सुरक्षित किया गया है। जहर खाने से मौत होने की आशंका जताई जा रही है।

 
विज्ञापन

छात्र को ऑनलाइन गेम, सट्टा खेलने की लत थी। उसके लापता होने से पहले उसके पिता के अकाउंट से 50 हजार रुपये डेबिट हुए थे। अकाउंट की जांच में जीतने पर रुपये क्रेडिट होने और हारने पर डेबिट होने के साक्ष्य मिले हैं।- विजय ढुल, डीसीपी वेस्ट
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें