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UP: मर्चेंट नेवी में तैनात ऑफिसर का फंदे से लटका मिला शव, पड़ोसियों ने घर की घंटी बजाई तो पता चली घटना

Tue, 27 Feb 2024 08:35 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

यूपी के उन्नाव में मर्चेंट नेवी के ऑफिसर का शव फंदे से लटकता मिला। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया।
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मृतक की फाइल फोटो व गमगीन महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मर्चेंट नेवी में द्वितीय ऑफिसर के पद पर तैनात कर्मी का शव घर की दूसरी मंजिल की छज्जे की रेलिंग में लटका मिला। मंगलवार सुबह पड़ोसियों ने शव देख घर वालों को बताया। परिजन आत्महत्या के पीछे का कारण नहीं बता पा रहे हैं। सदर कोतवाली के प्रियदर्शिनी नगर एमआईजी 38 सेक्टर ए निवासी सोलंकी श्रीवास्तव (32) मर्चेंट नेवी में द्वितीय ऑफिसर के पद पर तैनात थे।
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कैप्टन की तैयारी के लिए वह एक साल से छुट्टी पर थे। लिखित परीक्षा के साथ 14 फरवरी को साक्षात्कार भी हो गया था। इसमें वह पास हो गए थे। छह मार्च को उन्हें कैप्टन पद पर नियुक्ति लेनी थी। मृतक के पिता उमेशचंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सोमवार को सोलंकी ने परिवारीजनों के साथ खाना खाया। रात करीब 11:30 बजे देहरादून अपनी ससुराल गए छोटे भाई सूर्या श्रीवास्तव से भी फोन पर बात की। किसी प्रकार का कोई तनाव उसके चेहरे पर नहीं था।

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मंगलवार सुबह पड़ोसियों ने घर की घंटी बजाई तो घटना का पता चला। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की। परिजनों का कोई आरोप न होने से शव का पोस्टमार्टम कराया। उसमें हैंगिंग (फंदा लगाने) की पुष्टि हुई।
कोतवाल प्रमोद कुमार मिश्र ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग आई है। परिजन भी आत्महत्या के पीछे का कारण नहीं बता पा रहे हैं। अगर कोई तहरीर आती है तो आगे की कार्रवाई होगी।

दो दिन पहले जगन्नाथपुरी घूमकर आया है परिवार
सोलंकी श्रीवास्तव के कैप्टन बनने पर पूरा परिवार जगन्नाथ पुरी दर्शन करने गया था। दो दिन पहले ही घूमकर सभी घर लौटे हैं। घर पर हसी खुशी का माहौल था। यह घटना अचानक घटित होगी किसी को अंदाजा तक नहीं था।
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फोन की जांच में हो सकता खुलासा
पड़ोसियों में चर्चा है कि ऑफिसर की आत्महत्या के पीछे का कोई न कोई कारण तो अवश्य है। घर में रुपयों की कोई दिक्कत नहीं थी। परिवार भी सज्जन है। फिर ऐसा क्या हुआ कि उसे आत्महत्या करनी पड़ी। परिजनों का आरोप न होने से पुलिस ने भी फोन की जांच नहीं की। लेकिन अगर उसकी गहनता से जांच हो तो कोई न कोई अहम सुराग मिल सकता है।
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