शारदा नहर में झाड़ी में फंसा मिला था शव
लेकिन पुलिस को सूचना नहीं दी गई। परिजन तलाश करते रहे। रविवार को उसका शव सफीपुर कोतवाली के शारदा नहर में झाड़ी में फंसा मिला। चरवाहों की सूचना पर पहुंचे कोतवाल ने उसे बाहर निकाला। जेब से एक आधार कार्ड मिला, तो कोतवाल ने बेहटामुजावर एसओ से संपर्क किया।
किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी
एसओ, मृतक के छोटे भाई अमृतलाल की पत्नी मालती, मां सुमित्रा सहित अन्य परिजनों को लेकर पहुंचे तो परिजनों ने उसकी पहचान की। मृतक की मां ने बताया कि अवधेश ने शादी नहीं की थी। किसी से कोई दुश्मनी भी नहीं थी।
नशे का आदी होने से अपने परिचितों के साथ बैठता था।
पोस्टमार्टम में डूबने से मौत की पुष्टि
अक्सर आगरा एक्सप्रेसवे के नीचे नहर पुलिया के पास ही बैठता था। वह तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। छोटे भाई अमृतलाल और महेश दूसरे राज्यों में मजदूरी करते हैं। कोतवाल श्यामनरायन सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। उसमें डूबने से मौत की पुष्टि हुई है।
पैर बंधे होने से वह तैर नहीं पाया
परिजनों ने भी कोई आरोप नहीं लगाया है। उसके पैर बंधे मिले हैं। इसकी जांच की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार अवधेश को किसी ने आपसी रंजिश में पैर बांधकर नहर में फेंका है। पैर बंधे होने से वह तैर नहीं पाया और डूबकर मौत हो गई। जिस नहर में शव मिला है, वह मृतक के गांव से होकर निकलती है।
नशेबाजी को लेकर विवाद होने की आशंका
नहर उसके घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर है। चर्चा है कि नशेबाजी को लेकर विवाद होने के बाद किसी परिचित ने उसके पैर बांधकर नहर में फेंक दिया होगा। उधर पुलिस भी घर, परिवार और बाहरी लोगों से विवाद या किसी प्रकार की खुन्नस होने के बिंदु पर जांच कर रही है।
जेब से मिले पर्स से हो सकी शिनाख्त
युवक सफेद शर्ट व नीला लोअर पहने हुए था और उसके दोनों पैर गमछे से बंछे हुए थे। शव करीब चार दिन पुराना बताया जा रहा है। शिनाख्त के लिए पुलिस ने युवक से पहने कपड़ों को खंगाला, तो उसकी जेब से एक पर्स मिला। इसमें कुछ रुपये व आधार कार्ड बरामद हुआ।