करीब पांच महीने पहले ही गठित की गई कानपुर गोशाला कमेटी में रार छिड़ गई है। मंत्री और उपाध्यक्ष ने महामंत्री पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि मैनावती मार्ग में कब्जा की गई गोशाला सोसाइटी की जमीन को कब्जा मुक्त कराने में हीलाहवाली बरती जा रही है। गोशाला पर हो रहे खर्चों की भी जानकारी नहीं दी जा रही है। इससे कमेटी अपने गोवंश सेवा के उद्देश्य से भटक रही है। वहीं महामंत्री का कहना है कि आरोप गलत हैं। सभी काम नियम से किए जा रहे हैं। कागजात मजबूत होते ही जमीन से कब्जे हटवाने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।
बता दें मई-जून में कानपुर गोशाला कमेटी का गठन हुआ था। इसमें संस्थापक प्रखरजी महाराज की अध्यक्षता में सर्व सम्मति से तिलकराज शर्मा को अध्यक्ष, श्याम अरोड़ा को महामंत्री, बेनीमाधव गर्ग को कोषाध्यक्ष, विजय पांडे मंत्री और सुरेश गुप्ता उपाध्यक्ष बनाए गए थे। मंत्री और उपाध्यक्ष ने बताया कि अध्यक्ष तिलकराज शर्मा ने मैनावती मार्ग की कब्जे वाली जमीन का किराया छह लाख रुपये वापस करने के लिए महामंत्री को निर्देश दिया था। बावजूद इसके न तो धन दिया गया और न ही गोशाला के खर्च का हिसाब किताब। अभी तक हुई तीन बैठकों में सिर्फ खानापूर्ती की जा रही है।
गोशाला पर एक नजर
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कुल गाय : 557
दुधारू गाय : 70
दिनभर में : 200 लीटर दूध
प्रति लीटर दूध की कीमत : 33 रुपये
गोशाला : 7.5 बीघा जमीन पर
गोशाला की कुल जमीन : मैनावती में 32 बीघे, पनकी में 1470 बीघे, कपली गांव भौंती में 350 बीघे