प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी करेंगे परियाेजनाअाें का शिलान्यास
बुंदेलखंड की पथरीली धरती पर विधानसभा चुनावों में ‘कमल’ कभी भी नहीं खिला। यहां तक कि 1991 में ‘राम लहर’ में भाजपा को यहां की 19 सीटों में मात्र 11 सीटों पर सफलता मिली थी। विधानसभा चुनाव के इतिहास में बुंदेलखंड में भाजपा की यह सबसे बड़ी जीत थी। पिछले 2012 के चुनाव में ग्राफ और गिरा और भाजपा की सीटें सिमट कर तीन पर आ गईं। यूपी में 14 वर्षों से वनवास झेल रही भाजपा अब ‘मोदी मंत्र’ का सहारा लेकर भगवान राम की 14 वर्षीय तपोस्थली चित्रकूटधाम मंडल से एक बार फिर अपनी चुनावी मुहिम का आगाज कर रही है।
बुंदेलखंड में भाजपा को जड़े जमाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में देशव्यापी मोदी लहर में बुंदेलखंड भी बह गया। नतीजे में यहां के तीनों सांसद भाजपा से चुने गए लेकिन विधानसभा चुनाव की खाता-बही पर नजर डालें तो भाजपा को यहां कभी भाव नहीं मिला। वामपंथी दलों के बाद बसपा, सपा और कांग्रेस की यहां पकड़ मजबूत रही। 1991 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश में चल रही ‘राम लहर’ में भी भाजपा को बुंदेलखंड की 19 सीटों में मात्र 11 पर ही परचम फहराने का गौरव हासिल हुआ था। उसके बाद अयोध्या में बाबरी मसजिद घटना के बाद 1993 में हुए चुनाव में भाजपा की सीटें 19 से घटकर 7 रह गईं। मऊ, कर्वी, बांदा, महरौनी, ललितपुर, झांसी और बबीना में ही ‘कमल’ खिला। विधान सभा के पिछले 2012 के चुनाव में भाजपा का ग्राफ और गिर गया। बुंदेलखंड में मात्र तीन सीटें (हमीरपुर, चरखारी, झांसी) ही हाथ आईं।
विधानसभा चुनाव का मैदान तैयार है, ऐसे में भाजपा ने 19 सीटों वाले बुंदेलखंड में अपना परचम फहराने के लिए अपनी पूरी ताकत से ‘मोदी मंत्र’ फूंकने की रणनीति बनाई है। 24 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भगवान राम की तपोस्थली के रूप में सारी दुनिया में विख्यात चित्रकूटधाम के मंडल में शामिल वीरों की धरती महोबा में चुनावी बिगुल बजाएंगे। पूरे बुंदेलखंड के भाजपा नेताओं ने इस रैली में भीड़ जुटाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। महोबा की सीमा से जुड़े बांदा, हमीरपुर, उरई आदि जिलों से ज्यादा भीड़ लाने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए बड़ी संख्या में वाहनों का इंतजाम किया जा रहा है। हर जिले में लगभग रोजाना बैठकें हो रही हैं। चित्रकूटधाम मंडल के दोनों सांसद भैरों प्रसाद मिश्र और पुष्पेंद्र सिंह चंदेल अपने-अपने निर्वाचन जनपदों (बांदा-चित्रकूट व हमीरपुर-महोबा) में जुटे हैं।