नहीं समझ में आ रही अंग्रेजी, हिंदी में अनुवाद कर बताएं
एसआईटी प्रभारी ने पोस्टमार्टम में दर्शाए गए बिंदुवार 30 चोटों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट अंग्रेजी में होने के चलते दिक्कतें आ रही हैं। लिहाजा उन्हें हिंदी में अनुवाद कर जानकारी दी जाए। इस पर डॉ. देवेंद्र ने उन्हें हर चोट के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने बताया कि बलवंत के शरीर में पेट के पार्ट को छोड़ दिया जाए, तो सभी जगह चोटों के निशान हैं। बलवंत के शरीर पर 22 चोटें पाई गईं हैं। पूरे शरीर में काले-नीले निशान पड़े हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस की बर्बरता सामने आई है, जिससे बलवंत की मौत हो गई।
बिना चोट देखे मजिस्ट्रेट ने भी कर दिया था पंचनामे में हस्ताक्षर
जब भी कोई पुलिस अभिरक्षा में मौत होती है, तो मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी आदेश के तहत मृतक का मजिस्ट्रेटी पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम किया जाता है। इसी क्रम में बलवंत के भी शव का पंचनामा एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह की मौजूदगी में भरा गया था।
मजिस्ट्रेट ने भी बिना चोट देखे बलवंत के पंचनामे में महज पांच चोट दर्शाते हुए हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि उनके पूरे शरीर में चोट थे। बता दें कि शिवली थाना क्षेत्र में बीते दिन हुई लूट की घटना में पुलिस ने देर रात लालपुर सरैया निवासी बालवंत सिंह (27) को उठाया था।
पुलिस ने कस्टडी में उसकी जमकर पिटाई की, जिससे उसके शरीर पर चोटें मिली हैं। साथ ही, जगह-जगह नीले और काले निशान पड़े मिले हैं। हिरासत में पिटाई से उसकी मौत हो गई। मामले में पांच पुलिस कर्मियों और एक डॉक्टर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।