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हिरासत में मौत: इतना पीटा कि थक्के जम गए, बंद हो गई थी खून की दौड़ान, डॉक्टर ने एसआईटी को दर्ज कराए बयान

Sun, 18 Dec 2022 09:32 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

शिवली थाना क्षेत्र में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर ने एसआईटी को बयान दर्ज कराए हैं। उन्होंने बताया कि बलवंत के शरीर पर 22 चोटें पाई गईं हैं। इतना पीटा गया था कि खून में थक्के जम गए।
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पुलिस हिरासत में मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर देहात के बलवंत हत्याकांड की जांच में जुटी एसआईटी की दो सदस्यीय टीम शनिवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर के बयान दर्ज किए। डॉक्टर ने बताया कि बलवंत को इतनी बुरी तरह पीटा गया था कि उसके शरीर में जगह-जगह खून के थक्के जम गए थे।

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इससे खून की दौड़ान बंद हो गई और बलवंत की मौत हो गई। इसे मेडिकल भाषा में फलंजा इनसिजर कहते हैं। समय से खून चढ़ा दिया जाता तो जान बच सकती थी। बलवंत हत्याकांड का खुलासा और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी कन्नौज कुंवर अनुपम सिंह की अगुवाई में एसआईटी गठित की गई है।
शनिवार को एसआईटी टीम के धीरज कुमार दो सदस्यीय टीम के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पोस्टमार्टम प्रभारी से मिलकर बलवंत का पोस्टमार्टम रिपोर्ट बनाने वाले डॉक्टर के बयान दर्ज कराने को कहा। पोस्टमार्टम प्रभारी ने घाटमपुर प्रभारी प्रभारी डॉ. देवेंद्र राजपूत से मोबाइल पर वार्ता कराई। दोपहर बाद बयान दर्ज कराए गए।

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नहीं समझ में आ रही अंग्रेजी, हिंदी में अनुवाद कर बताएं
एसआईटी प्रभारी ने पोस्टमार्टम में दर्शाए गए बिंदुवार 30 चोटों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने बताया कि रिपोर्ट अंग्रेजी में होने के चलते दिक्कतें आ रही हैं। लिहाजा उन्हें हिंदी में अनुवाद कर जानकारी दी जाए। इस पर डॉ. देवेंद्र ने उन्हें हर चोट के बारे में विस्तार से बताया।

उन्होंने बताया कि बलवंत के शरीर में पेट के पार्ट को छोड़ दिया जाए, तो सभी जगह चोटों के निशान हैं। बलवंत के शरीर पर 22 चोटें पाई गईं हैं। पूरे शरीर में काले-नीले निशान पड़े हुए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस की बर्बरता सामने आई है, जिससे बलवंत की मौत हो गई।

बिना चोट देखे मजिस्ट्रेट ने भी कर दिया था पंचनामे में हस्ताक्षर
जब भी कोई पुलिस अभिरक्षा में मौत होती है, तो मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी आदेश के तहत मृतक का मजिस्ट्रेटी पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम किया जाता है। इसी क्रम में बलवंत के भी शव का पंचनामा एग्जिक्यूटिव मजिस्ट्रेट रणविजय सिंह की मौजूदगी में भरा गया था।

मजिस्ट्रेट ने भी बिना चोट देखे बलवंत के पंचनामे में महज पांच चोट दर्शाते हुए हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि उनके पूरे शरीर में चोट थे। बता दें कि शिवली थाना क्षेत्र में बीते दिन हुई लूट की घटना में पुलिस ने देर रात लालपुर सरैया निवासी बालवंत सिंह (27) को उठाया था।
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पुलिस ने कस्टडी में उसकी जमकर पिटाई की, जिससे उसके शरीर पर चोटें मिली हैं। साथ ही, जगह-जगह नीले और काले निशान पड़े मिले हैं। हिरासत में पिटाई से उसकी मौत हो गई। मामले में पांच पुलिस कर्मियों और एक डॉक्टर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई।
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