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आईआईटी अंतराग्नि: एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी बोले- शिवली में बनेगा डिफेंस कॉरिडोर का कानपुर नोड

Fri, 08 Apr 2022 06:48 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

आईआईटी कानपुर में शुक्रवार को तीन दिनीं कल्चरल फेस्ट अंतराग्नि-21 की शुरूआत हो गई है। फेस्ट में पहले दिन अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे। उन्होंने इस दौरान कई संस्मरण साझा किए।
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कल्चरल फेस्ट अंतराग्नि-21 का शुभारंभ करते अतिथिगण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईआईटी कानपुर में शुक्रवार से कल्चरल फेस्ट अंतराग्नि-21 का शुभारंभ हुआ। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (गृह) अवनीश अवस्थी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि डिफेंस कॉरिडोर का कानपुर नोड बनाने के लिए जगह फाइनल कर ली गई है। कानपुर नोड शिवली में स्थापित होगा। योजना है कि 100 दिनों के भीतर इसको स्थापित कर लिया जाए।

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आईआईटी कानपुर के साथ एक एरिया स्थापित किया जाएगा, जिसमें रक्षा रक्षा उत्पाद बनाने वाली यूनिटों की स्थापना की जाएगी। डिफेंस कॉरिडोर में आईआईटी कानपुर के साथ एमओयू साइन हुआ है। तीन साल से इस पर लगातार काम कर रहे हैं। अंतराग्नि का मीडिया पार्टनर अमर उजाला है। आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर यूपी पुलिस व्यवस्था को भी मजबूत करने की तैयारी है।
आईआईटी कानपुर के ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस की मदद से क्राइम को कंट्रोल करने की तैयारी है। संस्थान को इस पर रिपोर्ट बनाने का एक अनऔपचारिक आग्रह किया। इस पर निदेशक और उनकी टीम काम कर रही है।

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अंतराग्नि-21 में बच्चों को संबोधित करते अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी - फोटो : अमर उजाला
आईआईटी के ड्रोन भरोसेमंद, साथ करेंगे काम
आईआईटी ने ड्रोन पर काफी काम किया है। मुख्यमंत्री का आदेश है कि तकनीक का सहारा लेकर काम करने की आवश्यकता है। इस बार बजट में ड्रोन पर फोकस किया गया है। संस्थान में जल्द ही ड्रोन रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। कृषि, लॉजिस्टिक,सर्विलांस, पुलिस सर्विलांस एरिया में इस पर काम संस्थान के साथ मिलकर काम करेंगे।

हमारी रैंगिंग के वीडियो वायरल होते तो मच जाता हाहाकार
जब मैं आईआईटी कानपुर का छात्र था, उस समय जो रैगिंग होती है, उसको बयां नहीं किया जा सकता। उस समय के वीडियो अगर आज के सोशल मीडिया युग में वायरल हो जाते तो हाहाकार मच जाता है। सीनियर्स बहुत तगड़ी रैगिंग करते थे। आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अवनीश ने जैसे ही इस बात से छात्रों का संबोधित किया पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
 
एम्स में नहीं मिला दाखिला तो कर ली इंजीनियरिंग
घरवाले चाहते थे कि मैं डॉक्टर बन जाऊं। पेपर दिए लेकिन एम्स में दाखिला न मिलने पर डॉक्टर बनने का ख्वाब छोड़ दिया और सिविल सर्विसेज की ओर रुख किया। स्नातक की पढ़ाई के लिए बीटेक का चयन किया। खेलकूद में भी आगे रहा हूं। उन्होंने छात्रों से कहा कि इस समय लक्ष्य को लेकर फोकस रहने की आवश्यकता है। 
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