पुलिस एनकाउंटर में मारे गए क्रिमिनल सुंदर की कहानी, अस्पताल में घायलावस्था में सुंदर की फोटो
पुलिस एनकाउंटर में मारा गया कुख्यात अपराधी सुंदर उर्फ आदेश पुत्र रन सिंह उर्फ लाल सिंह इटावा चौबिया थाना क्षेत्र के गांव भूटा का रहने वाला था। उसने 27 मई 2016 को सपा नेता राजवीर सिंह निवासी नगला कढोरी थाना चौबिया को सरेशाम उस समय गोलियों से भून दिया था जब वह भागवत सुनकर घर लौट रहे थे। इस मामले में पुलिस ने उसे 15 जून को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था लेकिन करीब तीन महीने जेल में रहने के बाद वह सिपाहियों की आंख में मिर्जी पाउडर डालकर उस समय फरार हो गया था जब पुलिस कर्मी उसे पेशी से हवालात ले जा रहे थे।
कचहरी से भागने के बाद वह फरार चल रहा था। चूंकि सपा नेता राजवीर सिंह यादव के परिवार से उसकी रंजिश चल रही थी। राजवीन के परिवार के लोग पकड़वाने के लिए लगे थे। इसी रंजिश में वह रविवार रात को अपने अन्य साथियों के साथ बाइकों से नगला कढोरी पहुंचा और उसने राजवीर सिंह के भाई जयवीर सिंह यादव के घर के बाहर दहशत फैलाने के उद्देश्य से फायरिंग कर दी। जवाब में जयवीर व उसके परिजनों ने भी फायरिंग की। साथ ही पुलिस को इसकी सूचना दी।
फायरिंग की सूचना पर सीओ सैफई अंजनी कुमार चतुर्वेदी के अलावा एसओ चौबिया इंद्रपाल सरोज मय फोर्स के मौके पर पहुंचे । पुलिस के आने की भनक लगने पर सुंदर व उसके साथी भाग निकले। पुलिस ने उसका पीछा किया। साथ ही पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दे दी। पीछा करने वाली टीम ने बताया कि इस समय सुंदर भरथना की ओर भाग रहा है। इस सूचना पर भरथना एसओ जेपी पाल, बकेवर एसओ आलोक राय के अलावा स्वाट टीम ने सुंदर की तुरैया के पास घेराबंदी कर ली।
अपने को पुलिस से घिरा देख सुंदर ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने उसे आत्म समर्पण करने के लिए कहा तो उसने फायरिंग और तेज कर दी। इसके जवाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। सुंदर घायल हो गया। इसके अलावा एसओ बकेवर आलोक राय के अलावा स्वाट टीम के सिपाही रविंद्र सिंह व उदयवीर सिंह भी घायल हो गए। लोगों का कहना है कि यदि वह अपनीे दबंगई दिखाकर नगला कढोरी में फायरिंग नहीं करता तो उसकी पुलिस से मुठभेड़ नहीं हो पाती।