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जब सोशल मीडिया की मदद से चल रहा था सेक्स रैकेट, तो 'लड़कियों की सौदेबाजी' का रिकॉर्ड कैसे हुआ डिलीट?

Fri, 05 Jan 2018 04:41 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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कानपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा
यूपी के कानपुर में पकड़ा गया सेक्स रैकेट के तार दूर देश तक जुड़े हैं। पुलिस एक-एक करके इस गिरोह की परतें खोलती जा रही है। बिरहाना रोड पर पटकापुर स्थित सूर्या अपार्टमेंट से गिरफ्तार सेक्स रैकेट संचालिका के गिरोह में विदेशी लड़कियां भी शामिल थीं। ग्राहकों की मांग पर ये उन्हें मुंहमांगी कीमत पर उपलब्ध कराई जाती थीं। इस काम के लिए गिरोह के सदस्य चार्ली कोडवर्ड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस को सेक्स रैकेट की संचालिका, एजेंट और कॉल गर्ल्स के मोबाइल से कई विदेशियों के नंबर और व्हाट्सएप मैसेज मिले हैं।

कानपुर फीलखाना थानाक्षेत्र के पटकापुर स्थित सूर्या अपार्टमेंट में बुधवार को पुलिस ने छापा मारकर सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था। मौके से संचालिका बरखा मिश्रा, एजेंट नवजीत सिंह उर्फ टाफी सरदार, ग्राहक तिलक नगर निवासी शेखर गुप्ता, लाल बंगला निवासी गौरव सिंह, दर्शनपुरवा निवासी दीपांकर गुप्ता और तीन कॉल गर्ल्स को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने फ्लैट से 72500 नकद, आपत्तिजनक वस्तुएं और शक्तिवर्धक दवाएं भी बरामद की थीं। एसपी पूर्वी अनुराग आर्या ने बताया कि बरखा के रैकेट में विदेश तक की लड़कियां शामिल थीं। वह वेबसाइट और व्हाट्सएप नंबर के जरिये इन धंधों में लिप्त अन्य संचालकों के संपर्क में रहती थी। रैकेट का सारा काम एजेंट संभालते थे।
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कानपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा
ये ग्राहक तलाशने से लेकर लड़कियों को उन तक पहुंचाने का काम करते थे। संचालिका, एजेंट और कॉल गर्ल्स के मोबाइल को खंगालने पर उसमें कई विदेशी लड़कियों से चैटिंग होने की जानकारी भी मिली है। गिरोह से जुड़े लोग मोबाइल पर कोई सौदेबाजी नहीं करते थे। एजेंट को कोडवर्ड में चार्ली कहा जाता था। कोई ग्राहक संपर्क करता तो उसे चार्ली से बात करने को कहा जाता। चार्ली ही ग्राहक से व्हाट्सएप व वेबसाइट के जरिये बात करता था। सौदेबाजी के बाद बातचीत का सारा रिकॉर्ड डिलीट कर दिया जाता था।
 
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कानपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा
तीन हिस्सों में बांटी जाती थी रकम
एसपी के मुताबिक, स्थानीय एजेंट ग्राहकों के कहने पर दिल्ली में बैठे एजेंट से विदेशी लड़की की मांग करते थे। इसमें नेपाल से लेकर रूस तक की लड़कियां शामिल थीं। संचालिका होम डिलीवरी का भी काम करती थी। अगर ग्राहक कॉल गर्ल्स को अपने ठिकाने पर बुलाता था तो उसके चार्ज अलग थे। पूरी रकम मिलने के बाद ही लड़की बताए गए ठिकाने पर भेजा जाता था। मिलने वाली रकम का तीन हिस्सों में बंटवारा होता था। इसमें एक हिस्सा संचालिका, एक एजेंट और एक कॉल गर्ल को दिया जाता था।
 

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कानपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा
जांच के दायरे में आए कई रसूखदार
एसपी ने बताया कि संचालिका इतनी शातिर है कि एक जगह पर ज्यादा दिन नहीं ठहरती। संबंधित इलाके में अड्डे की चर्चा शुरू होते ही वह वहां से काम समेट लेती है। सूर्या अपार्टमेंट में भी वह कुछ दिन पहले ही आई थी। यहां उसने एक कार्यालय भी खोला था। रैकेट में आने वाली लड़कियों को समझा रखा था कि उनसे कोई वहां आने की वजह पूछे तो बता दें कि कार्यालय में काम करती हैं। संचालिका और उससे जुड़े लोगों के मोबाइल से कई रसूखदारों के नंबर मिले हैं, जो उससे किसी न किसी रूप में जुड़े हैं। इनका भी ब्योरा जुटाया जा रहा है। 
 
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कानपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा
भेजे गए जेल, रिमांड पर लेगी पुलिस
एसपी ने बताया कि सेक्स रैकेट में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ देह व्यापार अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। गुरुवार देर शाम उन्हें कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। संचालिका, उसके नेटवर्क और रैकेट से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी लेने के लिए आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस कोर्ट में अर्जी लगाएगी। इसके अलावा बरखा से जिन संस्थाओं के पहचान पत्र मिले हैं, उन्हें भी नोटिस जारी होगा।
 
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कानपुर में हाई प्रोफाइल सेक्स रैकेट का खुलासा
एसओ-प्रेमिका विवाद और बरखा कनेक्शन
शहर के एक थाने में प्रेमिका को पीटने वाले पूर्व एसओ के मामले में भी बरखा ने समझौता कराने में अहम भूमिका निभाई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुछ माह पूर्व यहां तैनात एक एसओ का अपनी प्रेमिका से विवाद हो गया था। इस दौरान एसओ ने प्रेमिका को थाने में दौड़ाकर पीटा था। इस मामले में एसओ से थाना छिना था तो प्रेमिका ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। इससे परेशान एसओ ने समझौते में बरखा की मदद ली थी।
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