औरास (उन्नाव)। लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में सीतापुर रोड पर हुए हादसे में तीन साल के बालक व उसके दो मामा समेत पांच की मौत से गांव में कोहराम मच गया। शव देख सभी की आंखें नम हो गईं। वैन सवार लोग तीन साल पहले मन्नत से पैदा हुए बालक को लेकर बाराबंकी के लोधेश्वर महादेव मंदिर दर्शन करने जा रहे थे। हादसे में मृत बच्चे की मां समेत तीन लोगों की हालत गंभीर है।
नंदौली गांव निवासी पेशे से किसान इंद्र बहादुर सिंह (60) ने बेटी बबिता का विवाह कानपुर देहात के रसूलाबाद थाना क्षेत्र के लक्ष्मणपुर पिलक गांव निवासी भूपेंद्र सिंह से किया था। शादी के कई साल बाद तक बबिता के कोई बच्चा नहीं हुआ। इंद्र बहादुर ने बाराबंकी स्थित लोधेश्वर मंदिर में बेटी को संतान होने की मन्नत मांगी थी। मन्नत के एक साल बाद 2018 में बबिता ने बेटे को जन्म दिया। इसका नाम अर्नव उर्फ कार्तिक रखा गया। पूर्व में मानी गई मन्नत पूरी करने के लिए इंद्र बहादुर शुक्रवार सुबह वैन से लोधेश्वर मंदिर जा रहे थे। शुक्रवार सुबह नौ बजे सीतापुर रोड पर टिकरी गांव के पास आम लादकर जा रहा ट्रक ओवरटेक करते समय अनियंत्रित होकर वैन के ऊपर पलट गया। हादसे में अर्नव, आर्यन, अजीत, दुर्गेश सिंह व भवानी सिंह की मौके पर मौत हो गई। बबिता, इंद्र बहादुर व वैन चला रहा अनुज गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना घर वालों को मिली तो कोहराम मच गया।
एक परिवार के पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में मातम मच गया। दो जवान बेटों, भतीजों के दो बेटे (पौत्र) और नाती अर्नव की मौत से इंद्र बहादुर की पत्नी रजनी सिंह बदहवास हो गईं। मृतक दुर्गेश दो भाइयों में बड़ा था। उसकी मौत से मां आलोचना, पत्नी कीर्ति व भाई शिवम सिंह बेहाल हो गए। मृतक भवानी सिंह चार भाई-बहनों में सबसे छोटा और अविवाहित था। उसकी मौत से मां मंजू सिंह, बहन ज्योति, बीना और बड़े भाई गौरव बदहवास हैं। लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद शव देर शाम घर लाए गए तो गांव में कोहराम मच गया।