रसूलाबाद के क्वारंटीन सेंटर पर मौजूद गोविंद।
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कानपुर देहात के रसूलाबाद निवासी एक किशोर मुंबई में कैटरिंग का काम करता रहा और उसके परिजनों ने गांव के चार भाइयों के खिलाफ उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी। इनमें से एक व्यक्ति जेल में भी रहा। जमानत मिलने पर वह बाहर आया।
अब चार साल बाद लॉकडाउन के कारण किशोर घर लौटा तो इसका खुलासा हुआ। मुनौरापुर निवासी रामजीवन कठेरिया का 16 वर्षीय बेटा गोविंद वर्ष 2016 में दिल्ली गया था। वह वहां से वह लापता हो गया था। पिता ने गांव के सुनील कुमार, उसके तीन भाइयों दीपू, मान सिंह, रीतू पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।