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पांच सदस्यीय गोशाला टास्क फोर्स का होगा गठन

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कानपुर देहात। बिलसरायं गोशाला में गाय की मौत व कई अन्य गोवंशों के बीमार होने के बाद अब खामियों को दुरुस्त करने की कवायद शुरू हुई है। सीडीओ ने सभी गोशालाओं की देखरेख के लिए जिलास्तरीय अधिकारियों की पांच सदस्यीय गोशाला टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं।
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सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायं गोशाला में मंगलवार को एक गाय की मौत के साथ कई गोवंश बीमार मिले थे। ग्रामीणों का कहना है कि गोवंशों को हरा चारा देने के बजाय सूखा भूसा ही खिलाया जा रहा है, जिससे वह कुपोषित होते जा रहे हैं। मामला तूल पकड़ने के बाद पशु चिकित्सक डॉ. तेजेंद्र ने बीमार गायों का उपचार किया।
वहीं, सीडीओ ने डीडीओ गोरखनाथ भट्ट, बीडीओ सरवनखेड़ा अशोक कुमार व अकबरपुर तहसीलदार संजय कुमार की तीन सदस्यीय टीम को भेजकर जांच कराई। मौके पर 169 गोवंश व 120 किलो चूनी, चोकर व पशु आहार मिला था। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गोशालाओं की दशा सुधारने का प्रयास शुरू किया गया है।
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सीडीओ ने गायों की दशा सुधारने के लिए जिला विकास अधिकारी, पीडी डीआरडीए, उपायुक्त मनरेगा, डीपीआरओ व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी की पांच सदस्यीय गोशाला टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। टास्क फोर्स गोशाला की साफ-सफाई, चूनी-चोकर, हरा चारा, भूसे की व्यवस्था, पीने का पानी, टीनशेड, चिकित्सा, अभिलेखों का रखरखाव व कर्मचारियों का मानदेय आदि का ब्योरा जुटाएगी।
गोशालाओं में अव्यवस्था न हो, इसके लिए पांच सदस्यीय गोशाला टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद कहीं अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- सौम्या पांडेय (सीडीओ)
अशक्तता व डिसलोकेशन से हुई गाय की मौत
कानपुर देहात। बिलसरायं गोशाला में मंगलवार को गाय की मौत के बाद पोस्टमार्टम कराया गया। इसमें मौत का कारण अशक्तता व डिसलोकेशन बताया गया है। पशु चिकित्सक का कहना है कि पशुओं का कूल्हा टूटने के बाद इलाज की सुविधा नहीं है। इस कारण पशु खाना-पीना तक छोड़ देते हैं। इसी कारण गाय की मौत हुई है। (संवाद)
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