कानपुर देहात। छुट्टा मवेशियों पर अंकुश लगाने को लेकर जिले में एक साल से वर्गीकृत वीर्य से गायों का कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। सिकंदरा के पशुपालक की गाय ने 9 अक्तूबर को पहली बछिया ने जन्म दिया है। योजन जिले में 2019 में की गई थी।
बछड़ा होने पर अक्सर पशुपालक उसे छुट्टा छोड़ देते थे। ये बड़े होने पर किसानों के खेत में नुकसान व सड़क पर दुर्घटना का कारण बन जाते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए शासन ने वर्गीकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान की योजना चलाई गई। अक्तूबर 2019 में शुरू की गई योजना में विभाग की ओर से 153 पशुपालकों को लाभ दिया गया। एक साल बाद कृत्रिम गर्भाधान के रिजल्ट आने लगे हैं। सिकंदरा कस्बे के पशुपालक नीरज मिश्रा की गाय ने बछिया को जन्म दिया है। पशुपालक में खुशी देखने को मिली। इसकी जानकारी पशुलापन विभाग को दी गई है। (संवाद)
दो प्रकार के सीमन का किया जा रहा प्रयोग
कानपुर देहात। लिंग वर्गीकृत वीर्य फिलहाल दो प्रजातियों में उपलब्ध है। पशुपालन विभाग के मुताबिक, साहीवाल, थारपर्कर प्रजाति के सीमन से गायों का कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। पहले चरण में 153 पशुपालकों ने कृत्रिम गर्भाधान कराया था। दूसरे चरण में 70 पशुपालक गर्भाधान करा चुके हैं। योजना की जानकारी देकर किसानों विभाग की ओर से जागरूक किया जा रहा है। (संवाद)
ये होंगे फायदे:
निश्चित बछिया पैदा होने की संभावना से जिले में दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा।
नर बछिया को छोड़ देने से आवारा जानवरों की परेशानी से निजात मिलेगी।
दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों की आय में होगा इजाफा।
पशुपालन को आजीविका से जोड़ने का सपना होगा साकार।
विभाग की ओर से सीमन में दी जा रही छूट
लिंग वर्गीकृत वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान कराना काफी महंगा है। लेकिन पशु पालन विभाग की ओर से पशुपालकों को सब्सिडी पर सीमन दिया जा रहा है। उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ महेश कौशिक ने बताया कि सीमन का एक डोज मार्केट में करीब 1500 रुपये का मिलता है। पशुपालकों को सीमन में सब्सिडी दी जा रही है। एक डोज सीमन के लिए पशुपालकों से 300 रुपये लिए जा रहे हैं। (संवाद)
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी देवकी नंदन लवानिया ने बताया कि वर्गीकृत वीर्य से पहली बछिया हुई है। इससे अन्य पशुपालकों में रुचि बढ़ेगी। साथ ही छुट्टा मवेशियों से निजात मिलने के साथ पशुपालकों की आय बढ़ेगी।