पुलिस ने अमोलदीप के खिलाफ भी केस दर्ज किया था
विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों में मारपीट हुई। इस दौरान अमोलदीप की आंख में गंभीर चोट आ गई थी। पुलिस ने रायपुरवा थाने में पहले भाजपा नेता और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके करीब एक हफ्ते बाद पार्षद की ओर से दी तहरीर पर पुलिस ने अमोलदीप के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
हमले में प्रयोग हथियार बरामद नहीं कर पाई है पुलिस
केस दर्ज होने के बाद से अंकित फरार थे, लेकिन जेसीपी आनंद प्रकाश तिवारी के कार्यालय में उन्होंने करीब हफ्ते बाद सरेंडर किया था। तब से वह जेल में थे। अंकित की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा था कि पुलिस अभी तक हमले में प्रयोग हथियार बरामद नहीं कर पाई, जो जमानत का बड़ा आधार बनी।
आज हो सकती है अन्य आरोपियों की रिहाई
अंकित और सूरज की रिहाई के बाद अब शुक्रवार को मामले के तीन अन्य आरोपियों की भी रिहाई का भी रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों के अनुसार तीनों आरोपियों के जमानतदारों का सत्यापन हो चुका है। परवाना शुक्रवार सुबह जेल पहुचंने की संभावना है, जिसके बाद उनकी भी जेल से रिहाई हो जाएगी।