नगर निगम सदन की बैठक में शुक्रवार को मर्यादा तार - तार हुईं। कांग्रेस की महिला पार्षद जरीना खातून ने सदन में दो बार चप्पलें लहराईं। सपा पार्षद शमीम आजाद की ओर इशारा करते हुए चप्पल मारने की कोशिश की। बवाल बढ़ता देख 1:15 बजे महापौर ने पौन घंटे के लिए सदन की बैठक स्थगित कर दी।
दोबारा सदन शुरू होने पर पार्षद से इसकी पुनरावृत्ति न करने का आग्रह किया। इससे पहले भी कांग्रेस, सपा और भाजपा पार्षदों में तीन बार नोकझोंक हुई। दोपहर करीब एक बजे वार्ड - 88 (जाजमऊ उत्तरी) की पार्षद जरीना खातून ने महापौर से बोलने का मौका देने का आग्रह किया। मौका न मिलने पर सदन पटल के पास धरने पर बैठ गईं।
इसके बाद महापौर ने उन्हें बोलने का मौका दिया तो वह वार्ड-66 (जाजमऊ दक्षिणी) से सपा पार्षद शमीम आजाद को भला - बुरा कहने लगीं। दोबारा बोलने का मौका मिलने पर फिर सदन पटल के पास जाकर चप्पल लहराई। जरीना ने शमीम पर उनके परिजनों के खिलाफ फर्जी रिपोर्ट लिखाने और उनके वार्ड में काम कराने का आरोप लगाया।
उधर, शमीम ने जरीना पर इलाकाई लोगों से अर्जी लिखाने, लाइट आदि मेें कमीशन मांगने का आरोप लगाया। बाद में उन्होंने महापौर को पत्र देकर आग्रह किया कि सदन की गरिमा तो तार - तार करने के मामले में वे कार्रवाई करें, ताकि इसकी पुनरावृत्ति न हो।