अद्भुत, अद्वितीय, अतुलनीय।... अलमारी में बंद पड़ी डायरी में लिखे मन के विचारों को मंच देने लिए अमर उजाला की ओर से आयोजित साहित्य की दुनिया के पहले अनूठे रियलिटी शो ‘अमर वाणी-2015 में जहीर कानपुरी (40 साल से अधिक आयुवर्ग), मोहम्मद नूरैन खान (40 साल तक आयुवर्ग) को सर्वश्रेष्ठ रचनाकार घोषित किया गया।
साथ ही 40 साल से ऊपर के आयु वर्ग (सांत्वना) में चांदनी पांडे, मनीष मीत, रूपीना मिश्रा, श्रवण कुमार शुक्ला, जावेद गोंडवी, देवी चरण कश्यप को चुना गया। 40 साल तक के ऊपर आयु वर्ग में धीरज सिंह, सत्यम शुक्ला, डॉ. मेहनाज बेगम, अनीता मौर्या और शाहीन को सांत्वना पुरस्कार विजेता बने।
सिविल लाइंस स्थित रागेंद्र स्वरूप सेंटर फार परफार्मिंग आट़्र्स ऑडिटोरियम में हुए रियलिटी शो के विजेता सर्वश्रेष्ठ दोनों रचनाकारों को तीन मई को हेमू कालाणी पार्क शास्त्री नगर में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन/मुशायरे में विख्यात कवियों-शायरों के बीच प्रस्तुति का मौका मिलेगा।
इन दोनों को 11000-11000 रुपये नकद पुरस्कार के साथ अतुल माहेश्वरी अमर वाणी-2015 सम्मान से नवाजा जाएगा। सांत्वना पुरस्कार विजेताओं को प्रशस्ति पत्र के साथ कवि सम्मेलन के पास भी उपलब्ध कराएं जाएंगे।
अमर उजाला की ओर से आयोजित अनूठे रियलिटी शो ‘अमर वाणी-2015’ में शामिल होने के लिए आई प्रविष्टियों में से कुल 523 की स्क्रीनिंग की गई थी। इसमें से 40 और 40 साल से अधिक तक के ग्रुप से 12-12 श्रेष्ठ कवियों का चयन किया गया। जिन्होंने शुक्रवार को आयोजित रियलिटी शो में अपनी प्रस्तुति दी।
इसके अलावा दोनों वर्ग में वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिए पांच-पांच अन्य कवियों को सीधे निर्णायक मंडल के सामने प्रस्तुति का मौका दिया गया। खास बात रही कि 40 साल के ऊपर वर्ग के प्रतियोगियों वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिए स्थान पाने वाले जहीर कानपुरी इस वर्ग के विजेता बने।
रियलिटी शो की शुरुआत से पहले नेपाल-भारत की भूकंप त्रासदी में मौत का शिकार हुए लोगों को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। निर्णायक मंडल में शामिल अंसार कंबरी (गीतकार), शकील जमाली (शायर) और राज शांडिल्य (स्क्रिप्ट राइटर) का परिचय आयोजन के संयोजक कवि मुकेश श्रीवास्तव ने ऑडियन्स से कराया।
कार्यक्रम की शुरुआत, 40 साल से अधिक के उम्र के प्रतियोगियों की प्रस्तुति के साथ हुई। कलीम नईमी फतेहपुरी ने लिल्लाह मोहब्बत को ऐसी न सजा देना...विनोद दीक्षित ने अमर उजाला रूपी यश कीर्ति फैली हुई, अतुल माहेश्वरी को सादर प्रणाम...कविता सुनाई तो दर्शक वाह-वाह कह उठे।
मुस्कुरा कर जो चल नहीं सकता, जिंदगी वह बदल नहीं सकता...नज्म पर जावेद गोंडवी ने तालियां बटोरीं। वहीं 40 साल तक के कवियों में सुवेश यादव ने जीवन तो है ख्वाब सरीखा क्या, खोना क्या पाना जी...धीरज सिंह चंदन ने रात ढलती रही, चांद जाता रहा और सितारे चमकते रहे रात भर...सहित शाहीन, सत्यम, मोहम्मद अनीस अंसारी, अनीता मौर्या, पुनीत द्विवेदी ने भी रचनाएं सुनाई।
रियलिटी शो की एंकरिंग नेहा और ऐश्वर्या ने की। रियलिटी शो में मुख्य रूप से पूर्व कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल, एडीएमएलए ओके सिंह, उद्योगपति पद्मश्री इरशाद मिर्जा, यूआईडी डाइरेक्टर डॉ. इंद्र मोहन रोहतगी, भूपेश अवस्थी मौजूद थे।