प्रदेश सरकार ने कोरोना कर्फ्यू को 24 मई की सुबह सात बजे तक बढ़ा दिया है। कानपुर में भी आंशिक बंदी पुरानी बंदिशों और नई रियायतों के साथ जारी रहेगी। पहले जो छूट और पाबंदी थी, वह आगे भी जारी रहेगी। कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों और किसानों को छूट जरूर दी गई है।
जिलाधिकारी आलोक तिवारी ने शहर में सभी उन दुकानों को खोलने की अनुमति दी है, जहां कृषि संबंधी उपकरण और कीटनाशक, बीज आदि मिलते हैं। इसके अलावा किसानों को अपना गेहूं बेचने के लिए खरीद केंद्र जाने और वहां से आने की छूट होगी। किसी तरह के पास की जरूरत नहीं होगी।
पुरानी छूट बहाल रहेगी, नहीं होगी कटौती
जिस तरह से किराना की दुकानें, सब्जी-फल, दूध, बेकरी, अंडा मीट की दुकानें अब तक खुलती आ रही थीं। वह छूट उसी तरह से जारी रहेगी। 20 मई से ऑनलाइन क्लासेज शुरू कराने की अनुमति प्रदेश सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में दे दी है। लिहाजा छात्र-छात्राओं की ऑनलाइन क्लासेज के लिए जिन शिक्षकों को जरूरत पर स्कूल आना जाना होगा, उन्हें रियायत दी जाएगी।
कम्युनिटी किचन से जुड़े लोगों को आने जाने में छूट होगी। जरूरतमंदों में प्रदेश सरकार की तरफ से राशन वितरण संबंधी काम में लगे सरकारी, अर्धसरकारी या एनजीओ के लोगों को भी छूट होगी। आवश्यक सेवा से जुड़े किसी भी व्यक्ति को जिसे पहले अनुमति थी, वह अभी भी जारी रहेगी।
किसी को बिजली का बिल जमा करना हो, अपना प्रीपेड बिजली का मीटर रीचार्ज कराने केस्को जाना हो, उसे भी पुलिस नहीं रोकेगी। इसके लिए उपभोक्ता के पास बिजली बिल की रसीद और प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के पास बैलेंस या रीचार्ज कराने संबंधी मोबाइल पर आया मैसेज दिखाया जा सकता है। अखबार बांटने वाले समाचार पत्र वितरक, मीडिया संस्थान से जुड़े पत्रकारों को भी अपना आईकार्ड दिखाकर ऑफिस या कवरेज पर आने जाने की छूट होगी।