प्रदेश के 10 पॉलिटेक्निक संस्थानों में कोरोना मरीजों का इलाज होगा। शासन ने इन संस्थानों को कोविड-19 एल-वन चिकित्सालय बनाने के लिए चुना है। इससे इन संस्थानों के आवासीय परिसर में रहने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वहीं, कानपुर स्थित प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के अधिकारी संबंधित संस्थानों के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई व परीक्षाओं को लेकर चिंतित हैं।
प्राविधिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार ने बताया कि पॉलिटेक्निक संस्थानों में 11 जुलाई से परीक्षाएं होनी हैं। यदि लॉकडाउन में छूट मिली तो शिक्षण कार्य भी कराए जाएंगे। ऐसे में जिन जिलों के पॉलिटेक्निक संस्थानों में कोविड-19 वार्ड बनना है, वहां के छात्र-छात्राओं की पढ़ाई व परीक्षा के लिए प्राविधिक शिक्षा परिषद को पत्र लिखकर आसपास के जिलों के संस्थानों में वैकल्पिक व्यवस्था कराने के लिए कहा गया है।
राजकीय पॉलिटेक्निक राठ, हमीरपुर में 200 बेड, राजकीय पॉलिटेक्निक श्रावस्ती में 200, महिला पॉलिटेक्निक बहराइच में 450, राजकीय पॉलिटेक्निक महाराजगंज में 100, राजकीय पॉलिटेक्निक ललितपुर में 140, राजकीय पॉलिटेक्निक कन्नौज में 200, राजकीय पॉलिटेक्निक दिबियापुर, औरैया में 200, महिला पॉलिटेक्निक शामली में 200, विंध्या पॉलिटेक्निक मिर्जापुर में 200 व राजकीय पॉलिटेक्निक चंदौली में 250 बेड का वार्ड बनाया जा रहा है।