कोरोना वायरस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कोरोना की तीसरी लहर में कोविड संक्रमण के फैलाव ने रफ्तार पकड़ ली है। अगर जीनोम सीक्वेंसिंग की जांच शुरू कर दी जाए तो इस वैरिएंट के संक्रमितों की संख्या तेजी से बढ़ेगी। अभी चुनिंदा कोविड संक्रमितों के ही सैंपल लेकर जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जा रहे हैं।
इनकी रिपोर्ट भी देर में आती है। रैंडम सैंपलिंग तेज की गई तो एक साथ छह ओमिक्रॉन संक्रमित मिल गए हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के अन्य राजकीय मेडिकल कॉलेजों का जीनोम सीक्वेंसिंग की मशीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव शासन खारिज हो चुका है।
प्राचार्य डॉ. संजय काला ने एक बार फिर जिले के कोविड नोडल अधिकारी प्रमुख सचिव अनिल गर्ग को प्रस्ताव देकर मशीन की मांग की है। शहर में ओमिक्रॉन के संक्रमितों की कुल संख्या आठ हो गई है। इनमें दो महिलाएं पहले ही संक्रमण मुक्त हो चुकी हैं। छह नए संक्रमित मिले हैं। दोनों महिलाएं विदेश से लौटी थीं।
गाजियाबाद में जांच होने पर पॉजिटिव पाई गईं। नए संक्रमितों की जांच केजीएमयू लखनऊ में की गई। ओमिक्रॉन का संक्रमण अभी माइल्ड बताया जा रहा है, लेकिन इसके कभी भी गंभीर (सीवियर) होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। अगर ओमिक्रॉन की जांच शुरू हो जाएगी तो संक्रमितों के चिह्नित करने में आसानी होगी।