कोरोना ने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की कोविड लैब पर हमला बोल दिया है। लैब के तीन स्टाफ संक्रमित हो गए हैं। इनमें विभागाध्यक्ष, एक लैब सहायक और एक जूनियर डॉक्टर है। विभागाध्यक्ष तीसरी बार कोरोना पॉजिटिव हुई हैं। लैब स्टाफ के संक्रमित होने से कॉलेज प्रबंधन चिंता में पड़ गया है।
जांचों में दिक्कत आ सकती है। इनके अलावा 20 व्यक्ति ऐसे हैं, जो तीसरी बार कोरोना संक्रमित हुए हैं। कोरोना की पहली और दूसरी लहर में भी इन्हें संक्रमण हुआ। संक्रमितों में हेल्थ वर्कर भी शामिल हैं। कोरोना की दूसरी लहर में मेडिकल कालेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की कोविड लैब का लगभग पूरा स्टाफ कोरोना संक्रमित हो गया था।
दूसरी लहर उतरने के बाद आउटसोर्सिंग के 23 स्टाफ को हटा दिया गया। इससे जांचों की संख्या घटा दी गई थी। अभी जो स्टाफ काम कर रहा है, वह भी कोरोना की चपेट में आ रहा है। कोवाक्सिन और जाइकोव डी वैक्सीन ट्रायल के इंवेस्टीगेटर रहे डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि संक्रमण के बाद शरीर में बनी एंटीबॉडीज कम होने लगती हैं। इससे दोबारा संक्रमण का खतरा रहता है।