उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर पनकी के बड़े महंत ब्रह्मलीन बाबा रमाकांत के षोड्सी संस्कार के लिए जिला प्रशासन द्वारा बनाई गई व्यवस्था से महंत कृष्णदास ने असहमति जताई है। गुरुवार देररात उन्होंने 23 मई को होने वाले कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए लॉकडाउन के बाद षोड्सी संस्कार के आयोजन की बात कही है।
दिन में जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में एसीएम, सीओ और पुलिस की मौजूदगी में कार्यक्रम के आयोजन की सहमति बनी थी। जिलाधिकारी के साथ हुई बैठक में तय हुआ था कि षोड्सी संस्कार में 16 संत आएंगे। इन सभी का टीकाकरण बालाजी मंदिर रूमा के संतोष अग्रवाल करेंगे। मंदिर से महंत महामंडलेश्वर जितेंद्रदास, कृष्णदास, सुरेश दास, बालक दास और राजीव शुक्ला मौजूद रहेंगे।
षोड्सी संस्कार के लिए गुरुवार को खुद महंत कृष्णदास समेत महंत जितेंद्र दास, बालक दास, सुरेश दास और राजू शुक्ला जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेव राम तिवारी से मिलने पहुंचे थे। इसमें षोड्सी संस्कार के आयोजन की रूपरेखा तय करने के साथ जिला प्रशासन ने महंत पर 31 मई के बाद फैसला लेने की बात कही थी। देररात महंत कृष्णदास ने कहा कि वह इस व्यवस्था से सहमत नहीं हैं।
इसलिए षोड्सी संस्कार में शामिल नहीं होंगे। उनका समर्थन कर रहे संतों का हवाला देते हुए कहा कि वे संतोष अग्रवाल से टीका नहीं कराएंगे। इसका विरोध करते हुए बहिष्कार का फैसला लिया है। साथ ही लॉकडाउन खत्म होेने के बाद खुद षोड्सी संस्कार आयोजित करने का एलान किया है।
इनकी मौजूदगी पर बनी थी सहमति
षोड्सी संस्कार में रामधाम के महामंडलेश्वर अवध किशोर महाराज, मुनिषाश्रम जूही के जगतगुरु शंकराचार्य मुनीशा महाराज, आनंदेश्वर मंदिर के महंत रमेश पुरी, दांडी मठ नवाबगंज के उदितानंद ब्रह्मचारी, गौरयापुर कानपुर देहात के महंत, परमट के चैतन्य गिरी, सरसैया घाट राम-जानकी मंदिर के गोविंददास, शास्त्री नगर के बालक दास, छोटा राम मंदिर बिठूर के गिरिवर दास, लव कुश स्थान बिठूर के राम हृदय दास, राम मंदिर नयागंज बिठूर के राम गोपाल दास, सिद्धनाथ मंदिर जाजमऊ के अरुण पुरी बाल चैतन्य महाराज, आटा कानपुर देहात के महंत बालाजी जितेंद्रिय स्वामी व दांडी आश्रम नवाबगंज के भवानंद महाराज मौजूद रहेंगे।