मेट्रो के प्रोजेक्ट में अपना 55 करोड़ बकाया लेने के लिए ठेकेदार भटक रहे हैं। मेट्रो अधिकारी उन्हें आश्वासन देकर टरका रहे हैं। ठेकेदार गजेंद्र सिंह, अंबर, विनोद गुप्ता, आकाश, संजय त्रिपाठी आदि ने बताया कि तुर्किये की कंपनी गुलरमर्क व उसकी सहयोगी कंपनी सेम इंडिया को मेट्रो के चार स्टेशनों के निर्माण का ठेका मिला था। कंपनी ने शहर के 40 ठेकेदारों से काम कराया लेकिन 55 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया। आरोप है कि मार्च से गुलरमर्क सेम इंडिया ने ठेकेदारों का भुगतान रोक दिया था। मंगलवार को इन ठेकेदारों को यूपीएमआरसी के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद मीणा ने मिलने बुलाया। इस पर करीब 15 ठेकेदार पहुंचे तो उन्हें फिर जल्द भुगतान किए जाने का आश्वासन देकर टरका दिया गया।
तुर्किए की कंपनी पर लगे आरोप
कानपुर में मेट्रो का काम कर रही तुर्किए की एक कंपनी ठेकेदारों का 80 करोड़ रुपये लेकर भाग गई। कंपनी के स्थानीय ऑफिस में ताला लगा हुआ मिला है। मौके पर मौजूद गार्डों ने कहा कि कंपनी हमारी सैलरी दिए बिना ही चली गई। पीड़ितों ने जिलाधिकारी से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा।
वहीं गुलेरमक सैम इंडिया के प्रोजेक्ट मैनेजर ने विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को बताया कि उनकी कंपनी देश छोड़कर भागी नहीं है, बल्कि आठ शहरों में मेट्रो परियोजनाओं में काम कर रही है। मुंबई और गुड़गांव ऑफिस भी संचालित हो रहे हैं। कानपुर में पेटी ठेकेदारों का अंतिम भुगतान होना है, इसे जल्द करने का आश्वासन दिया।