Kanpur News: बिना टेंडर स्वीकृति के निर्माण कार्य कराने की शिकायत पर डीएम ने डीपीआरओ से जांच करायी थी। घाटमपुर, भीतरगांव, पतारा में फर्जीवाड़ा मिला। डीपीआरओ ने सभी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
घाटमपुर, पतारा और भीतरगांव ब्लाॅक की तीन ग्राम पंचायतों में बिना अधिकारियों की स्वीकृति और टेंडर निकाले अंत्येष्टि स्थलों का करीब 60 फीसदी निर्माण करा दिया। दो सप्ताह पहले ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने डीपीआरओ से जांच कराई तो फर्जीवाड़े की पोल खुली। जांच में तीनों ब्लाॅकों के एडीओ पंचायत, सचिव और प्रधान दोषी पाए गए हैं। सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। सही जवाब न मिलने पर सभी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई होगी।
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जिले के पांच ब्लाॅकों की 12 ग्राम पंचायतों में 12 अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कराया जाना है। हर अंत्येष्टि स्थल पर दो कमरे, छह शौचालय, बड़ा हॉल बनाया जाना है। एक अंत्येष्टि स्थल के निर्माण में करीब 23 से 24 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जिले में जमीन चिह्नित होने के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन से मंजूरी मिलने बाद फरवरी में बजट ग्राम पंचायतों को भेज दिया गया था। कार्य शुरू होने से पहले ग्राम पंचायतों को तकनीकी स्वीकृति लेनी पड़ती है, जिसमें खर्च का ब्योरा तैयार किया जाता है। वित्तीय स्वीकृति जिलाधिकारी स्तर पर लेनी होती है। फिर ग्राम पंचायत से टेंडर निकलता है। उसमें कई फर्में आवेदन करती हैं। टेंडर खुलने के बाद जिस फर्म को कार्य मिलता है, वह कार्य कराती है।
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घाटमपुर ब्लाॅक के सरगांव और पतारा ब्लाॅक के बलहपारा कला और भीतरगांव ब्लाक के बेहटा बुजुर्ग ग्राम पंचायत में नियमों को ताक में रखकर निर्माण कार्य पहले शुरू करा दिया गया। डीपीआरओ की जांच में पता चला कि जिम्मेदारों ने तकनीकी, वित्तीय और टेंडर प्रक्रिया के बिना ही निर्माण कार्य करा दिया। प्रधान-सचिव और एडीओ पंचायत ने जिले में बैठे विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से तीन स्थानों पर 60 फीसदी कार्य करा दिया। इसमें तीन सहायक विकास अधिकारी (एडीओ) पंचायत मनोज उमराव, राघवेंद्र प्रताप सिंह और विनोद कुमार झा दोषी पाए गए। सचिव बलवान, विक्रम शर्मा, अमित सिंह राजावत और प्रधान निधि देवी, अर्चना देवी और शीलू भी दोषी मिले हैं। डीपीआरओ ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
शौचालय और कमरे तक बनकर तैयार
पतारा ब्लाॅक के बलहपारा कला ग्राम पंचायत में छह शौचालयों और दो कमरों का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। छत पड़ना बाकी है। टिन शेड के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं। वहीं, घाटमपुर ब्लाॅक के सरगांव ग्राम पंचायत में शौचालय, कमरे तैयार हो गए। शव जलाने के स्थान पर टिन शेड बनाने के लिए पिलर बनाए जा रहे हैं। इसी तरह भीतरगांव ब्लॉक में निर्माण हुआ है।
जांच कराई तो मामला निकला सही
शिकायत पर जांच कराई तो मामला सही निकला। बिना स्वीकृत और टेंडर के कार्य हो गया। ये बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। सभी को नोटिस जारी की गई है। सही जवाब न मिलने पर निलंबन की कार्रवाई होगी। - जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी