कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय (सीएसए) में सीएंडडीएस की ओर से निर्माणाधीन तीन परियोजनाओं का जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मंगलवार को निरीक्षण किया। यहां 100 शैय्या महिला छात्रावास फंड न होने से पांच साल से अटका मिला। विद्युत सुधार का काम समय से नहीं पूरा हो पाया। वहीं, सीवेज सिस्टम परियोजना भी अटकी मिली। इस पर डीएम ने कार्यदायी संस्था से सुस्त चाल से हो रहे कार्य का कारण पूछा। इस पर डीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजर सर्वेश पांडेय से रिपोर्ट तलब की है।
जिलाधिकारी ने सबसे पहले सीएसए परिसर में करीब छह करोड़ रुपये से 100 शैय्या महिला छात्रावास का निरीक्षण किया। यहां 2.17 करोड़ रुपये खर्च होने के बाद धनराशि न जारी होने पर पांच साल से काम ठप मिला। कई खामियां देख सुधारने के निर्देश दिए। वहीं, रुका फंड उपलब्ध कराने के लिए शासन को पत्र लिखने की बात कही। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2.42 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे विद्युत कार्य को देखा। कार्य अधूरा मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई और माह के अंत तक काम पूरा करने को कहा। आखिरी में सीवर लाइन, भूमिगत जलाशय व ट्यूबवेल के कार्य को देखा। सीवेज सिस्टम को मजबूत करने के लिए आठ करोड़ की लागत से प्लांट बनाया जा रहा है। यहां भी काफी लेट काम होता मिला। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के बाद पीडब्लूडी और जल निगम से रिपोर्ट मांगी है।