डीघ विद्यालय में गोद लिए गए बच्चों के साथ प्रधानाध्यापक व अन्य। संवाद
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पुखरायां। मलासा विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय डीघ की प्रधानाध्यापक ने तीन बच्चों को गोद लेकर उनकी शिक्षा का जिम्मा लिया है। इनके माता-पिता की मौत हो चुकी है। प्रधानाध्यापक ने उनकी उच्च शिक्षा तक खर्चे वहन करने की बात कही है। संरक्षक मामा ने इसकी सहमति दी है।
डीघ गांव के पवन संखवार ने बताया कि उसकी बहन लक्ष्मी की शादी रायपुर अकबरपुर के चिरौरा में रहन वाले इंद्रराज के साथ हुई थी। बहन-बहनोई की बीमारी से मौत हो चुकी है। भांजी प्रिया कक्षा आठ, भांजा अंश कक्षा सात, आदिल कक्षा पांच में पढ़ता है।
बच्चों को परवरिश के लिए वह अपने साथ ले आया था। घर का खर्च मजदूरी करके चलाता है। इससे बच्चों को शिक्षा दिला पाने में परेशानी आ रही थी। ऐसे में प्राथमिक विद्यालय डीघ की प्रधानाध्यापक ममता ने तीनों बच्चों को शिक्षा के लिए गोद लेने की बात क
ही। उन्होंने उच्च शिक्षा तक पूरा खर्च वहन करने का जिम्मा लिया है। इसकी जानकारी पर बीईओ आनंद भूषण ने गुरुवार को विद्यालय पहुंच कर शिक्षिका के कार्य की सराहना की। उन्होंने बच्चों को कपड़े और शिक्षण सामग्री दी।
इसमें सहायक अध्यापकों ने भी सहयोग किया। प्रधानाध्यापक ममता ने बताया कि कथा पांच में पढ़ने वाले बच्चे को वह स्वयं अपने विद्यालय में पढ़ा रही हैं। जबकि कथा आठ और कथा सात में पढ़ने वाले बच्चों का दूसरे स्कूल में दाखिला कराया गया है।