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पूर्व चिकित्सा महानिदेशक इनकम टैक्स के रडार पर, इस काम के लिए छात्र-छात्राओं को भी नहीं छोड़ा

Fri, 01 Feb 2019 11:49 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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पूर्व चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजीएमई) डॉ. महेश चंद्र शर्मा इनकम टैक्स विभाग के रडार पर हैं। विभाग को संदेह है कि नोटबंदी के दौरान पुराने 1000 और 500 के नोट बदलवाने के लिए डीजीएमई ने कॉलेज के छात्र छात्राओं का भी सहारा लिया था। कुछ दिन पहले ही डीजीएमई के कई ठिकानों पर विभाग ने छापेमारी की थी।
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आयकर विभाग पूर्व चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक (डीजीएमई) डॉ. महेश चंद्र शर्मा के नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और इनके अस्पतालों और अन्य संस्थानों में काम करने वाले स्टाफ के बैंक खातों की जांच करेगा। आयकर विभाग को आशंका है कि नोटबंदी के बाद संस्थान के स्टाफ और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के खातों में भारी रकम जमा कराई गई है। 

आयकर विभाग डॉ. शर्मा के परिवार के बैंक खातों की पहले ही जांच कर चुका है। इनके खातों में नोटबंदी के दौरान बड़ी रकम जमा हुई। हालांकि इसका खुलासा नहीं हुआ है। आयकर अफसरों को इस बात के भी संकेत मिले हैं कि डॉक्टर परिवार ने कालाधन खपाने में छात्र-छात्राओं और स्टाफ का इस्तेमाल किया। बाद में किसी अन्य तरीके से वही रकम नए नोटों में बदलवाकर वापस ली गई।
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आयकर अफसरों ने डॉ. शर्मा के सभी स्टाफ और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का डाटा एकत्र किया है। आयकर अफसर अब इस बात की पड़ताल करेंगे कि नोटबंदी (10 नवंबर 2016 से 31 मार्च 2017) के बाद इनके खातों में कितनी रकम जमा हुई है। अस्पताल के बहीखातों और ट्रस्ट में अनियमितताएं सामने आने के बाद भी डॉ. शर्मा ने आयकर अफसरों के समक्ष अघोषित आय सरेंडर नहीं की है। आयकर अफसर अब तथ्यों के आधार पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर रहे हैं।
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