कानपुर। हीट वेव की चेतावनी को देखते हुए सभी सरकारी अस्पतालों में कोल्ड रूम बना दिए गए हैं। हैलट में कोल्ड रूम के दो वार्ड बनाए गए हैं। वहीं, केपीएम, उर्सला और कांशीराम में 10-10 बेड का कोल्ड रूम और स्वास्थ्य केंद्रों में चार-चार बेड के कोल्ड रूम बनाए गए हैं। लू की चपेट में आए रोगियों को कोल्ड रूम में रखकर इलाज किया जाएगा।
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने बताया कि हैलट में दो कोल्ड रूम बनाए गए हैं। इनमें एक बालरोगियों और दूसरा वयस्क रोगियों के लिए बनाया गया है। कोल्ड रूम में दवाओं की सारी व्यवस्था कर दी गई है। कोल्ड रूम हैलट के मेटरनिटी ब्लॉक के दूसरे और तीसरे तल पर बनाए गए हैं।
हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि बालरोगियों के लिए मेटरनिटी ब्लॉक के तीसरे तल पर बने कोल्ड रूम में 10 बेड हैं। दूसरे तल पर वयस्क रोगियों के लिए बने कोल्ड रूम में 12 बेड हैं। हीट स्ट्रोक के कारण रोगी मल्टी ऑर्गन फेल्योर की स्थिति में भी जा सकता है। इसके लिए सारी दवाएं मुहैया करा दी गई हैं। इसके साथ ही विभिन्न विशेषज्ञों की देखरेख में लू लगने के रोगी का इलाज किया जाएगा।
कोल्ड रूम में फ्रीजर उपलब्ध हैं। इनमें कोल्ड आइस पैक, ठंडे तौलिया, फ्लुइड आदि की व्यवस्था रखी गई है। लू का रोगी आने पर उन्हें सीधे कोल्ड रूम में शिफ्ट कराया जाएगा। प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अग्रवाल ने बताया कि अभी लू का कोई रोगी नहीं आया है।
केपीएम अस्पताल के सीएमएस डॉ. एके शुक्ला ने बताया कि हमारे अस्पताल के लगभग सभी वॉर्डों में एसी लगा हुआ है, लेकिन फिर भी हमने दस बेड अलग से आरक्षित किए हैं। दवाएं भी हमारे यहां पर्याप्त मात्रा में हैं। कांशीराम अस्पताल में दस बेड का कोल्ड रूम बनाया गया है। सीएमएस डॉ. नवीन चंद्रा ने बताया कि वॉर्ड में एसी लगे हैं और पानी का इंतजाम है। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि सभी जगहों पर एक ओआरएस डेस्क बनवाई है जिससे अगर कोई गर्मी और धूप के चलते बीमार होकर अस्पताल तक आता है तो तुरंत ही उसे ओआरएस का घोल उपलब्ध कराया जा सके। उर्सला अस्पताल में 10 बेड आरक्षित किए गए हैं और पंखे व कूलर की व्यवस्था की गई है।