उत्तर प्रदेश में ठंड अपना कहरा बरपा रही है। कानपुर सहित आसपास के जिलों में ठंड ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। कानपुर में शीत लहर ने गलन बढ़ा दी है। पुराने रोगियों की हालत बिगड़ रही है। जिसके चलते सोमवार तड़के सात रोगियों की मौत हो गई।
कानपुर में शीत लहर ने गलन बढ़ा दी है। इससे पुराने रोगियों की हालत बिगड़ रही है। हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों की नसों में खून का थक्का जमने लगा है। सोमवार तड़के सात रोगियों की मौत हो गई। पांच को हार्ट अटैक पड़ा तो दो दमा रोगियों की मौत हुई। 32 रोगियों को गंभीर हालत में भर्ती किया गया है।
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फजलगंज के रहने वाले रत्नेश (68), नवाबगंज के गोपाल (53), चौबेपुर के जमशेद (48), रामादेवी की सावित्री (62) और सिविल लाइंस के मनोज (57) की हार्टअटैक पड़ गया। जब इन्हें कार्डियोलॉजी लाया गया तो मौत हो चुकी थी। इसके अलावा कार्डियोलॉजी की इमरजेंसी में सौ लोगों को भर्ती किया गया।
कुछ हृदय रोगी ऐसे आए जो कोरोना पॉजिटिव रहे हैं, लेकिन वे एसिम्प्टोमैटिक रहे। इससे उनका हार्ट का इलाज कर डिस्चार्ज कर दिया गया और आइसोलेशन में रहने की हिदायत दी। इसके अलावा दो दमा के रोगियों की मौत हुई है। कल्याणपुर के विभूति प्रसाद (61) को सांस फूलने की दिक्कत रही। रविवार रात एक बजे से हालत बिगड़ी और तड़के मौत हो गई।
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इसी तरह रावतपुर के दमा रोगी जय प्रकाश (70) की काकादेव के निजी अस्पताल में मौत हुई है। इसके साथ ही सांस फूलने और एनजाइना के लक्षण वाले रोगियों को भर्ती कर लिया गया है। कार्डियोलॉजी के निदेशक डॉ. विनय कृष्णा का कहना है इस मौसम में हृदय रोगी सुबह टहलने न जाएं। घर में रहकर व्यायाम कर लें।