इसलिए वह नेता, मंत्री, अधिकारी हर किसी से गुहार लगा रहे हैं। पुलिस अब तक 40 से अधिक लोगों से पूछताछ कर चुकी है। एक दर्जन संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकाली, जिसको खंगाला। किसी से कुछ हासिल नहीं हुआ।
एसीपी कैंट मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि कोचिंग के छात्रों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई गई है। शायद उससे कुछ सुराग लग सके। हर एक पहलू को खंगाला जा रहा है। तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी। हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
सीपी से मिलकर उठाए कई सावल
रोनिल हत्याकांड का जल्द पर्दाफाश करने की मांग को लेकर रोनिल के पिता संजय सरकार के साथ बार एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल पुलिस कमिशभनर बीपी जोगदंड से मिला। परिजनों ने सीपी से कहा कि जिस छात्र ने शव पड़े होने की सूचना दी, उसके बारे में स्कूल प्रशासन व पुलिस ने जानकारी छिपाई।
आखिर ऐसा क्यों किया गया? जिस शिक्षक को छात्र ने फोटो भेजी थी, उसने मामला किसी से शेयर न करने की बात कही थी। ऐसा उसने क्यों कहा? सभी से सख्ती से पूछताछ होनी चाहिए। रोनिल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पिता को दिए जाने की बात कही। इस दौरान अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी, उपाध्यक्ष अनूप शुक्ला, महामंत्री अनुराग श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
सोशल मीडिया पर चलाया अभियान
रोनिल को न्याय दिलाने के लिए लोग सड़क पर उतर रहे हैं। कैंडिल मार्च भी निकाल रहे हैं। साथ ही सोशल मीडिया पर भी मुहिम छेड़ दी है। करीब एक दर्जन ऐसे ट्विटर व फेसबुक एकाउंट हैं, जहां पर रोनिल को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है। शहर के तमाम लोग इस मुहिम में शामिल हो रहे हैं। पुलिस पर दबाव भी है, लेकिन नाकामी ही हाथ लग रही है।