इस दौरान मामला सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। रिजवान ने एसीपी को बताया कि जो बातचीत कर रहा था, उस सिपाही का नाम शोएब था। एक दरोगा और एक सिपाही भी वहां मौजूद थे, जिनके नाम उसको नहीं पता है।
हर गाड़ी का फिक्स है रेट
रिजवान ने बताया कि इस संबंध में एसीपी से शिकायत भी की है। पूछताछ में रिजवान ने एसीपी को बताया कि अक्सर वह वहां से मवेशियों को लेकर उन्नाव जाता रहता है। चुंगी पर 200 रुपये देकर निकल जाता था।
इस बार वह दो सौ रुपये दे रहा था, लेकिन पुलिसकर्मियों ने अधिक रकम की मांग की। एक दो पुलिसकर्मी नशे में भी थे। इतना पैसा नहीं था। इसलिए देने से मना किया। जिस पर विवाद हुआ। इसी तरह से अलग-अलग गाड़ियों का पुलिस ने रेट फिक्स कर रखा है।
पहले भी सामने आए हैं मामले
- जाजमऊ में 10 अक्तूबर को पुलिस का वसूली करते वीडियो वायरल हुआ था। जिसमें सब इंस्पेक्टर मधुसूदन दीक्षित, हेड कांस्टेबल अनुपम यादव और सिपाही पूरन सिंह को लाइन हाजिर किया गया था।
- 22 मार्च को रामादेवी फ्लाईओवर पर पीआरवी 786 के पुलिसकर्मियों का वीडियो वायरल हुआ था। मामले में महिला सिपाही मीनू, सिपाही सत्यवीर, दिनकर कुमार व अनिल कुमार निलंबित किए गए थे।
मामला संज्ञान में आया है। जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। -आनंद प्रकाश तिवारी, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर