यूपी के उन्नाव में मोहान विधानसभा सीट से भाजपा विधायक व उनके समर्थकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न होने पर मंगलवार सुबह डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इससे जिला अस्पताल में सुबह आठ बजे ओपीडी में डॉक्टर के न बैठने से अफरातफरी मच गई। इसी दौरान एसपी ने पीएमएस एसोसिएशन के अध्यक्ष से बात की। एसपी ने नवागत डीएम से बात कर उनकी संस्तुति पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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शुक्रवार को आसीवन थानाक्षेत्र में हुए सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत की घटना में सोमवार को पोस्टमार्टम के दौरान सुबह पहुंचे मोहान से भाजपा विधायक ब्रजेश रावत पर सीएमओ ने गाली गलौज, धक्कामुक्की और कमरे में बंद करने का आरोप लगाया था। सीएमओ ने एसपी को विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की तहरीर भी दी थी। वहीं घटना से आक्रोशित डाक्टरों ने प्रांतीय चिकित्सा संवर्ग (पीएमएस) एसोसिएशन अध्यक्ष डा. शरद कुमार पांडेय की अध्यक्षता में बैठक कर डॉक्टरों ने विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज न होने की स्थिति में मंगलवार सुबह आठ बजे से ओपीडी का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।
मंगलवार सुबह ड्यूटी पर पहुंचे डाक्टरों को जब विधायक के खिलाफ कोई कार्रवाई न होने की जानकारी हुई तो वह ओपीडी में नहीं बैठे। जिला अस्पताल के अलावा जिले की सभी पीएचसी और सीएचसी का भी यही हाल रहा। इस पर एसपी हरीश कुमार ने पीएमएस एसोसिएशन के अध्यक्ष डा. शरद कुमार बाजपेयी से फोन पर बात की और जिलाधिकारी से बात करके हल निकालने का आश्वासन दिया। उन्होंने संयम बरतने और स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न करने की बात कही। इस पर पीएमएस एसोसिएशन अध्यक्ष ने हड़ताल 24 घंटे के लिए टाल दी। उन्होंने बताया कि बुधवार सुबह तक कार्रवाई नहीं हुई तो पीएमएस एसोसिएशन डॉक्टरों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय करेगी। अध्यक्ष ने बताया डाक्टर हड़ताल पर भी जा सकते हैं।
एक घंटे तक ऊहापोह में फंसे रहे मरीज-तीमारदार
सुबह आठ बजे जिला अस्पताल के ओपीडी कक्षों में डाक्टरों के न बैठने और पर्चे न बनने से दवा लेने आए मरीज और तीमारदार परेशान हो गए। सभी डाक्टरों को दिखाने और इलाज के लिए परेशान रहे। ओपीडी कक्षों के बाहर मरीजों की भीड़ लग गई। हालांकि करीब एक घंटे बाद डाक्टर ओपीडी कक्ष में पहुंचे और मरीजों को देखना शुरू तब सभी ने राहत की सांस ली।
यह संगठन भी साथ आए
सीएमओ के साथ अभद्रता से नाराज डाक्टरों ने प्रांतीय चिकित्सा संवर्ग एसोसिएशन की अगुवाई में निर्णायक लड़ाई लड़ने का ऐलान किया है। यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष प्रेम कुमार सिंह, राजकीय वाहन चालक संघ चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के अध्यक्ष विजय कांत शुक्ला, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष उमा निवास बाजपेयी सहित अन्य कर्मचारी संगठनों ने भी साथ देने और कंधे से कंधा मिलकर चलने का ऐलान किया है।
बजरंग दल के विभागाध्यक्ष ने विधायक को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए डीएम को प्रेषित ज्ञापन एसडीएम को दिया।
विभागाध्यक्ष सुरेश पांडेय और विभाग संयोजक रघुवंश मणि त्रिवेदी ने बताया कि मोहान विधायक ब्रजेश रावत जनप्रतिनिधि होने के नाते शोक संवेदना व्यक्त करने पोस्टमार्टम हाउस गए थे। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की ओर से विधायक पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। बताया कि जिस समय विधायक पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सभी पांचों शव लावारिस हालत में अस्तव्यस्त पड़े थे। डीएम के पहुंचने के बाद भी सीएमओ के न पहुंचने और फोन भी न रिसीव करने पर उन्होंने केवल नाराजगी जताई थी। पूरे घटनाक्रम के दौरान निवर्तमान डीएम रवि कुमार एनजी भी मौजूद रहे थे। ज्ञापन देने वालों में हर्षित तिवारी, अविनाश, अजय मिश्रा, कौशलेंद्र, धर्मवीर, अंकुर, हितेश तिवारी आशुतोष त्रिवेदी भी शामिल रहे।