नगर विकास विभाग गंगा में गिर रहे नालों को टैप करे, जो नाले टैप नहीं हो सकते, उनके पानी को प्रदूषण मुक्त करने की व्यवस्था रेमेडिएशन विधि से करे। इस कार्य को 15 दिसंबर से पहले पूरा करने को कहा गया है।
गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के महाप्रबंधक आरके अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश पर नालों के पानी को प्रदूषण मुक्त करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने बताया कि नालों के प्रदूषित पानी को प्रदूषण मुक्त करने की प्रक्रिया को रेमेडिएशन कहा जाता है।
इसके तहत नालों में एंजाइम (एक तरह का बैक्टीरिया) डाला जाता है, जिससे पानी में शामिल हानिकारक तत्व खत्म हो जाते हैं।