मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार रात वीडियो कांफ्रेंसिंग कर पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी घटना को हल्के में न लें। घटना की प्रत्येक सूचना आलाधिकारियों तक पहुंचाई जाए और वह घटना स्थल पर जरूर पहुंचे। माहौल बिगाड़ने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई करें।
अयोध्या मसले पर फैसला किसी के भी पक्ष में आए, आपसी सौहार्द बना रहेगा। इसका किसी तरह का असर लोगों पर नहीं होगा। शांति व्यवस्था बरकरार रहेगी। ऐसा इनपुट खुफिया एजेंसियों को मिला है। सकारात्मक इनपुट से पुलिस प्रशासन को भी राहत मिली है।
गश्त करती फोर्स
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फिर भी पुलिस, प्रशासन समेत सभी खुफिया एजेंसियां सक्रिय हैं। खासकर कट्टरपंथियों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी जारी है। आईबी, मिलिट्री इंटेलीजेंस और एलआईयू पिछले एक महीने से शहर में जानकारी जुटा रही है। इनपुट के मुताबिक समाज के सभी समुदायों को कोर्ट के फैसले पर विश्वास है।
फैसला किसी के भी पक्ष में आए, हर कोई उसे स्वीकार करने को तैयार है। हालांकि एक अहम बात सामने आई है कि फैसले के बाद अति उत्साह की आशंका है। यही वजह है कि हर बैठक में पुलिस प्रशासन के अधिकारी सभी से फैसले के दिन शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं। इनपुट पूरे जोन का है। वहीं कट्टरपंथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के विशेष निर्देश हैं।
पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम का लिया जाएगा सहारा
शहर में 37 पब्लिक एड्रेसिंग सिस्टम हैं। जहां से पुलिस-प्रशासन किसी भी संदेश को आम लोगों तक जल्द पहुंचा सकता है। इन सिस्टम को और दुरुस्त कर दिया गया है। वहीं एसएसपी अनंत देव ने एसपी कंट्रोल रूम को 13 नए सिस्टम लगवाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि इसमें बजट आड़े आ रहा है। दरअसल, 37 सिस्टम पुराने कानपुर में है जबकि अन्य शहर के आसपास व संवेदनशील जगहों पर सिस्टम नहीं है। एसएसपी ने बताया कि इसके इंतजाम किए जा रहे हैं।