क्या था पूरा घटनाक्रम
मेडिकल कॉलेज के एक हॉस्टल में जूनियर डॉक्टर के कमरे के दरवाजे पर लिपिक ललित कुमार ने 18 अगस्त को दरवाजा खटखटाया। दरवाजा खोलने पर वह डॉक्टर की ओर झपटा और उसका हाथ पकड़ने का प्रयास किया। लेकिन उन्होंने बचकर दरवाजा बंद कर लिया। जूनियर डॉक्टर ने इसकी शिकायत अपनी साथी डॉक्टरों से कही। लेकिन मामले को दबा दिया गया। इससे आरोपी के हौसले बुलंद हो गए और वह 19 अगस्त को फिर डॉक्टर के कमरे में पहुंचा।
आने-जाने वाले लोगों का ब्योरा भी दर्ज नहीं
इस बार वह हाथ में राखी लिए था, जिससे उस पर कोई शक न कर सके। जैसे ही उसने दरवाजा खटखटाया, तो महिला डॉक्टर बाहर निकली तो आरोपी ने उसका हाथ पकड़ लिया। इससे जूनियर डॉक्टर असहज और परेशान हो गईं। सूत्रों की मानें कि घटना के दिन एक भी सुरक्षा कर्मी हॉस्टल में मौजूद नहीं था। इस हॉस्टल में आने-जाने वाले बाहरी लोगों का ब्योरा भी दर्ज नहीं किया जाता था।
मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई
आरोपी के पहुंचने पर न ही किसी ने उसे रोका और न ही उसका विरोध किया। जिससे इतनी बड़ी घटना हो गई। घटना के बाद जैसे ही मामला प्रबंधन के संज्ञान में आया, तो फजीहत होने के डर से पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की गई। लेकिन जब महिला डॉक्टर ने इसका विरोध किया, तो आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। इसके बाद महिला अपने गृह जनपद आगरा चली गई।
शराब के नशे में था आरोपी
घटना के दिन वहां मौजूद सूत्रों की मानें, तो आरोपी ने जब महिला जूनियर डॉक्टर से अभद्रता की तब वह नशे की हालत में था। विरोध करने पर मामला गर्म होने लगा। पहले इस पूरी घटना को सामान्य ढंग से प्रस्तुत करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रयास किए जाते रहे। लेकिन जब महिला डॉक्टर नहीं मानीं तो दस दिन बाद उसकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई।
इस मामले में जांच टीम गठित है, साथ ही प्रकरण में पुलिस जांच भी चल रही है। इसलिए इस प्रकरण में जांच टीम की रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम कराए गए हैं। सभी जगह रात में प्रकाश हो, यह भी सुनिश्चित किया गया है। -अरविंद त्रिवेदी, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज