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UP: खेलने जाने से रोका और कमरे में किया बंद, दादी की फटकार से आहत कक्षा पांच के छात्र ने दी जान

Thu, 17 Jul 2025 10:22 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में कक्षा पांच के छात्र को दादी ने खेलने जाने से रोका और उसे कमरे में बंद कर दिया। इससे आहत छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। 
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kanpur suicide - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर के हनुमंत विहार इलाके के अर्रा नई बस्ती में मंगलवार रात खेलने जाने की जिद पर पांचवीं के छात्र गौरव राजपूत उर्फ साहिल को दादी ने डांटकर कमरे में बंद कर दिया था। इसी से क्षुब्ध होकर छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस बात का खुलासा दादी से पूछताछ के बाद हो गया। बुधवार को हुए बच्चे के पोस्टमार्टम में मौत का कारण हैंगिंग आया है।
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हनुमंत बिहार थानाक्षेत्र के अर्रा नई बस्ती निवासी पार्सल डिलीवरी करने वाले वीरेंद्र राजपूत के इकलौते बेटे गौरव का शव मंगलवार को संदिग्ध हालात में कमरे के अंदर पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला था। 

शाम को मां संगीता ड्यूटी से घर लौटी तो कमरे में इंटरलॉक बंद था। चाबी लटक रही थी। वह लॉक खोलकर कमरे में पहुंचीं तो बेटे का शव पंखे से लटकता मिला था। 
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हनुमंत विहार थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि छात्र की दादी ने बताया कि शाम होने के बाद भी वह मोहल्ले के बच्चों संग खेलने की जिद कर रहा था। डांटकर कमरे में बंद कर दिया था। उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा।

घटना के बाद पिता, मां और दादी का रो-रोकर बुरा हाल है। उन लोगों का कहना है कि जिगर के टुकड़े इकलौते बेटे साहिल का भविष्य बेहतर करने के लिए वह दोनों लोग प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। उनका कहना था कि सोचा था कि बेटा उनके भविष्य का सहारा बनेगा लेकिन इस घटना ने सब कुछ खत्म कर दिया। 

 

कक्षा पांच के छात्र की संदिग्ध हालात में मौत
आपको बता दें कि कानपुर के हनुमंत विहार थानाक्षेत्र के अर्रा नई बस्ती में मंगलवार को कक्षा पांच के छात्र की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। दादी बोली कि चाबी खोने पर दरवाजा तोड़कर बच्चा कमरे में गया। वहीं, मां काम से लौटी तो चाबी दरवाजे पर लटकी और बेटे का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। 

 

अर्रा निवासी वीरेंद्र राजपूत पार्सल का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि गौरव राजपूत उर्फ साहिल (12) उनका इकलौता बेटा था। वह एक इंटर कॉलेज में कक्षा पांच का छात्र था। पत्नी संगीता प्राइवेट नौकरी करती हैं। इसके अलावा मकान में उनकी मां रामवती और भाई व उनका परिवार रहता है। 

 
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दादी रामवती ने पुलिस को बताया कि मंगलवार की सुबह रोज की तरह बेटा और बहू काम पर चले गए थे। गौरव भी स्कूल गया था। दोपहर करीब दो बजे गौरव स्कूल से घर लौटा और कमरे की चाबी लेने के बाद इलाके के बच्चों के साथ खेलने चला गया था। इस पर साहिल को दादी ने डांटकर कमरे में बंद कर दिया था। इसी से क्षुब्ध होकर छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी थी।
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