बच्चे का कराया स्वास्थ्य परीक्षण
श्रमायुक्त के घर पहुंचे बच्चे ने बताया कि मां का निधन हो गया है और पिता मजदूर हैं। घर में एक छोटी बहन है। श्रमायुक्त ने मुख्य चिकित्साधिकारी व रेडियोलॉजिस्ट को बुलाकर उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया, ताकि उम्र पता चल सके और स्कूल में उसका दाखिला हो सके।
बाल श्रम कराने वालों पर कार्रवाई के दिए निर्देश
श्रमायुक्त ने सभी उप श्रमायुक्त, श्रम प्रवर्तन अफसरों को निर्देश दिए कि कानपुर समेत पूरे प्रदेश में निरीक्षण करके 14 साल से कम आयु के बाल मजदूरों को चिह्नित करके बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी बच्चों के मानसिक, शारीरिक, आत्मिक, बौद्धिक और सामाजिक हितों को प्रभावित करती है।
1098 पर कॉल करें या Pencil.ov.in पर रजिस्टर करें
उन्होंने शहरियों से अपील की यदि उन्हें 14 साल से कम आयु का कोई बाल श्रमिक अथवा बंधुआ मजदूरी करते दिखता है, तो वो 1098 पर कॉल करें या Pencil.ov.in पर रजिस्टर करें। बालश्रम की समस्या बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करती है, जो की संविधान के विरुद्ध है और मानवाधिकार का सबसे बडा उल्लंघन है।