चित्रकूट में बुधवार को अयोध्या की श्रीराम जन्मभूमि की यात्रा पहुंची। भरत मिलाप मंदिर यात्रा में आए लोगों का भव्य स्वागत किया गया। इसी जगह पर वनवास के दौरान भगवान श्रीराम और उनके भाई भरत का मिलाप हुआ था।
यहीं से खड़ाऊं लेकर गए थे भरत
मान्यता है कि यहां पर भगवान श्रीराम ने वनवास के 14 सालों में से साढ़े 11 साल यहीं बिताए थे। बाद में उन्हें तलाशने उनके भाई भरत निकले। तो यहीं दोनों लोगों का मिलाप हुआ था। आज भी यहां दोनों के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं। भरत जी के लाख समझाने के बाद भी भगवान श्रीराम नहीं माने। उन्होंने वनवास पूरा करने की बात कही। जिसके बाद यहीं से भरत श्रीराम के खड़ाऊं लेकर चले गए थे।