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मासूमियत का सौदागर: डार्क वेब पर अश्लील वीडियो बेचकर कमाया धन, 21 बीघा जमीन खरीदने की थी योजना, ऐसे रची साजिश

Sun, 22 Feb 2026 09:03 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट

सार

Chitrakoot News: जांच में खुलासा हुआ है कि दोषी जेई रामभवन बच्चों के वीडियो बेचकर मिली रकम से 14 करोड़ की जमीन खरीदने की फिराक में था। वहीं, विभाग में उसकी पैठ इतनी मजबूत थी कि लापरवाही के बावजूद उस पर कार्रवाई नहीं होती थी।
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नरैनी कस्बा के जवाहर नगर स्थित मकान - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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बच्चों के यौन शोषण के मामले में दोषी जेई रामभवन अपनी अवैध कमाई को जमीन खरीद में निवेश करने की योजना बना रहा था। वह बच्चों के अश्लील वीडियो डार्क वेब पर बेचकर धन कमाता था। सीबीआई जांच में सामने आया है कि उसने वर्ष 2018 में 21 बीघा जमीन खरीदने की कोशिश की थी। रामभवन ने शोभा सिंह का पुरवा स्थित एसडीएम कॉलोनी के पास यह जमीन खरीदने की योजना बनाई थी। इस सौदे के लिए उसने दो अन्य इंजीनियरों को भी अपने साथ जोड़ा था।

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जमीन की शुरुआती मांग 18 करोड़ रुपये थी, जिस पर रामभवन ने लगभग आठ करोड़ रुपये की बोली लगाई। बाद में बातचीत 14 करोड़ रुपये पर पहुंची। एक साल तक चली सौदेबाजी के दौरान वर्ष 2019 में भूस्वामी ने 14 करोड़ रुपये की कीमत तय की। हालांकि, जेई रामभवन 10 करोड़ रुपये से अधिक देने को तैयार नहीं हुआ, जिसके कारण यह सौदा नहीं हो सका। रामभवन पर 34 बच्चों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो और फोटो बनाकर डार्क वेब पर बेचने के में उसे दोषी ठहराया गया है।

भूस्वामी और जेई के बीच मतभेद बना रहा
इस अवैध गतिविधि से अर्जित धन को वह संपत्ति में निवेश कर वैध बनाना चाहता था। सीबीआई ने उसकी गिरफ्तारी के बाद जमीन के सौदे से जुड़े लोगों से गहन पूछताछ की थी। जांच एजेंसी ने उसकी संभावित अवैध आय के स्रोतों की भी पड़ताल की। स्थानीय लोगों के अनुसार, तीनों साझेदार इस जमीन पर अपने लिए अलग-अलग आवास भी बनवाना चाहते थे। सौदेबाजी के दौरान कीमत को लेकर भूस्वामी और जेई के बीच मतभेद बना रहा। अंततः, 10 करोड़ रुपये से अधिक न देने की जिद के कारण सौदा रद्द हो गया।

काम में लापरवाही को लेकर कई बार हुई शिकायत
सिंचाई विभाग में कार्यरत एक कर्मचारी ने बताया कि पुराने अफसरों ने कई बार रामभवन के काम में लापरवाही की शिकायत की लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसकी वजह रामभवन की सत्ता के गलियारों के साथ ही विभाग में तगड़ी पैठ थी। कभी-कभी तो वह सप्ताह-सप्ताह भर दफ्तर से गायब रहता था।

गिरफ्तारी के 16 दिन बाद रामभवन हुआ था निलंबित
सिंचाई विभाग में तैनात जूनियर इंजीनियर रामभवन को सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के 16 दिन बाद 18 नवंबर 2020 को निलंबित कर दिया गया था। उस समय के जिलाधिकारी शेषमणि त्रिपाठी व सिंचाई के प्रमुख अभियंता वीके निरंजन के आदेश पर जेई रामभवन निलंबित किया गया था।

पत्नी दुर्गावती किराए के कमरे में दो दिनों तक रही बंद
स्थानीय लोगों ने बताया कि पति रामभवन की गिरफ्तारी से घबराई दुर्गावती दो दिनों तक कमरे में बंद रही। वह केवल जरूरत पर निकलती और फिर कमरे में अपने आप को बंद कर लेती। मोहल्ले की महिलाओं के घर पर जाने पर भी वह उनसे मिलने के लिए मना कर देती। कई बार तो वह लोगों को देखकर चिल्ला उठती थी। पांच दिनों बाद उसका भाई आया और उसे लेकर चला गया था।
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घर में मोबाइल व टीवी चलाने की थी छूट
एसडीएम कॉलोनी निवासी एक नाबालिग ने बताया कि वह जेई के घर अक्सर जाता था और अंकल बच्चों को अपना पर्सनल फोन देते थे। जिस पर वह लोग यूट्यूब और गेम खेला करते थे। लड़के उनके फोन पर घंटों समय बिताते थे और इसके बाद वह लोग घर चले आते थे। घर में चाहे जो खाओ पियो व टीवी देखो सभी कामों लेकर छूट थी। वहीं किशोर ने आरोपी जेई के ऊपर किसी भी प्रकार की अश्लील हरकतें करने की कोई बात नहीं बताई है। आरोपी राम भवन सात वर्षों से एसडीएम कॉलोनी में किराए के आवास पर रहता था।
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