भरतकूप इलाके की पत्थर खदानों के आसपास गांवों में रहने वाले परिवारों की किशोरियों को मजदूरी देने के लिए यौन शोषण के आरोप का मामला तूल पकड़ रहा है। बृहस्पतिवार को कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट और फेसबुक पर मैसेज लिखकर प्रदेश सरकार को घेरा है। ट्वीट में कहा, क्या ये सपनों का भारत है।
इससे पहले पूर्व राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग कर चुकी हैं। उन्होंने ट्विटर और फेसबुक पोस्ट से भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया। वहीं कांग्रेस का प्रतिनिधि मंडल भरतकूप पहुंचा। पीड़ित परिवार के सदस्यों में चुप्पी बनी रही। पत्थर खदानों में काम के बाद मजदूरी देने के लिए किशोरियों से यौन शोषण के आरोप मामले में बृहस्पतिवार को कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की ओर से गठित प्रतिनिधि मंडल भरतकूप पहुंचा।
दस सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल में उत्तर प्रदेश दक्षिण जोन की महिला प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा अटल पाल ,पूर्व सांसद बालकुमार पटेल, प्रदेश सचिव प्रेम नारायण पाल, रंजना पांडेय, जिलाध्यक्ष कुशल सिंह पटेल व मीरा जाटव आदि शामिल हैं। प्रतिनिधि मंडल ने लगभग एक घंटे तक महिलाओं, किशोरियों और घर के पुरुषों से बातचीत की। प्रतिनिधि मंडल की अगुवाई कर रहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा अटल पाल ने कहा कि पीड़ित परिवार बहुत डरा और सहमा हुआ है।
यह कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने रात में पीड़ित परिवार पर दबाव बनाया है। इससे यह बोलने को तैयार नहीं हैं। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वहीं पूर्व सांसद बालकुमार पटेल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जंगलराज कायम है। रंजना बराती लाल पांडे ने कहा कि प्रदेश सरकार हर मोर्चे पर विफल है। कांग्रेस आदिवासियों के साथ है। मीरा जाटव ने कहा कि इस सरकार में अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों का उत्पीड़न हो रहा है।
जिला अध्यक्ष कुशल सिंह पटेल ने कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को भी मौके में पहुंचा था। पीड़ित पक्ष से मुलाकात नहीं हुई थी। कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई को सड़क से लेकर सदन तक लड़ेगी। इस दौरान संपत पाल, बांदा जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित, बांदा महिला जिला अध्यक्ष सीमा खान चित्रकूट महिला अध्यक्ष नीरू गुप्ता, शारदा गौतम, मेहंदी हसन भी रहे। शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष पंकज मिश्रा के नेतृत्व में दस सदस्यीय दल फिर गांव पहुंचेगा।
यौन शोषण के आरोप की अंतरिम रिपोर्ट सौंपी, पूरी जांच बाकी
किशोरियों के यौन शोषण के आरोप की मजिस्ट्रेटी जांच दूसरे दिन भी जारी रही। सदर एसडीएम की अध्यक्षता में चल रही जांच के दूसरे दिन खदानों के संचालक, मुनीम व मजदूरों के बयान दर्ज किए गए। जांच टीम ने पहले दिन यानी बुधवार की अंतरिम रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय में सौंप दी है।
जानकारों के मुताबिक अंतरिम रिपोर्ट में किसी ने यौन शोषण की बात कबूल नहीं की है। ठेकेदारों और बिचौलियों के भरतकूप के आसपास के गांवों की किशोरियों से मजदूरी के लिए यौन शोषण का आरोप सामने आने के बाद हड़कंप है। बुधवार को जिलाधिकारी शेषमणि पांडेय ने छह सदस्यीय जांच टीम बनाई थी। इसके बाद डीएम ने दावा किया कि चिह्नित परिजनों ने बताया कि वीडियो में कही गई बात सही नहीं है।
डीएम यौन उत्पीड़न के मामले से इंकार कर रहे हैं। वहीं जांच समिति के अध्यक्ष सदर एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि पहले दिन की अंतरिम रिपोर्ट डीएम कार्यालय में सौंप दी है। विस्तृत जांच कर बयान लिए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को छह सदस्यीय टीम खदान पहुंची। खदान के पट्टा धारकों और मुनीमों के बयान लिए गए। मजदूर परिवारों से भी बातचीत की गई। एसडीएम ने बताया कि 24 घंटे में पूरी रिपोर्ट को डीएम कार्यालय में जमा करने की संभावना है। टीम यौन शोषण से इंकार कर रही है।
विधायक व बाल संरक्षण समिति की टीम पहुंची
बृहस्पतिवार को मानिकपुर के भाजपा विधायक आनंद शुक्ला व बाल संरक्षण समिति की सदस्य अर्चना श्रीवास्तव भी गांव पहुंचीं। पीड़ित परिजनों से बातचीत की। लगभग एक घंटे तक तीनों किशोरी व परिजनों से बातचीत के बाद विधायक ने दावा किया कि मजदूरी के बदले यौन शोषण की बात गलत है। पीड़ित परिजनों ने इसकी पुष्टि की है।