Chitrakoot News: परिक्रमा मार्ग पर भगवान कामदनाथ का पांचवां द्वार बनाने की कोशिश में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया है। मामले से साधु-संतों में आक्रोश है।
तीर्थक्षेत्र के परिक्रमा मार्ग पर भगवान कामदनाथ के चार द्वार हैं। कुछ लोगों ने पांचवां द्वार बनाने की कोशिश की। जानकारी होते ही साधु-संतों ने विरोध किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को कोतवाली में बैठाया। तृतीय मुखारबिंद खोही के लक्ष्मीनारायण मंदिर के महंत श्यामदास ने बताया कि परिक्रमा मार्ग पर चार मुखारबिंदों का ही वर्णन है।
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कुछ लोग पांचवां मुखारबिंद बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जो धार्मिकता के बिल्कुल खिलाफ है। आरोप लगाया कि तृतीय मुखारबिंद के पुजारी रहे तुलसीदास तिवारी व सुशील कुमार पर मंदिर में चोरी के आरोप लगे थे। उन्हें मंदिर से हटा दिया था। यही दोनों मिलकर अपने घर के पास पांचवा मुखारबिंद बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक को लिखे पत्र में महंत ने इस मंदिर के निर्माण कराने पर रोक लगवाने की मांग की है। इस पर सीतापुर चौकी प्रभारी गौरव तिवारी व खोही चौकी प्रभारी रमेश यादव फोर्स लेकर पहुंचे। कोतवाल उपेंद्र सिंह ने बताया कि किसी नई परंपरा को नहीं शुरू किया जाएगा। इसे लेकर पुलिस टीम आरोपी को पूछताछ के लिए कोतवाली लाई है। मंदिर निर्माण कराने पर रोक लगाई गई है।