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भारत के लिए खतरे की घंटी है चीन और पाकिस्तान का गठजोड़ः गगनदीप बख्शी

Wed, 29 Mar 2017 10:15 AM IST
राहुल शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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मेजर जनरल(रिटायर्ड) गगनदीप बख्शी - फोटो : ओपी वाधवानी
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मेजर जनरल (रिटायर्ड) गगनदीप बख्शी ने कहा कि चीन और पाकिस्तान गठजोड़ देश के लिए खतरे की घंटी है। इस खतरे से बचने के लिए पाकिस्तान को विभाजित कर देना चाहिए। ऐसा करने पर भारत पूरी तरह से सुरक्षित रहेगा। वह भारतीय शिक्षण मंडल एवं संस्कार भारती की ओर से कानपुर के बृजेंद्र स्वरूप पार्क में नव संवत्सर महोत्सव को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर उन्हें शौर्य रत्न सम्मान से अलंकृत किया गया।
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कोरोना प्लस इंडस्ट्रीज की ओर से प्रायोजित महोत्सव में 25वें विक्रमादित्य मेले में उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने हमारी संस्कृति को तबाह कर दिया। धर्म के आधार पर देश को बांट दिया इसका प्रभाव आज भी दिखाई पड़ रहा है। लार्ड मैकाले ने ऐसी शिक्षा पद्धति अपनाई कि भारत को  गुलाम बनाया जा सके। इस पद्धति को बदलना चाहिए। हम अपने बच्चों को अंग्रेजी सिखा रहे है जबकि उन्हें भारतीय संस्कृति और हिंदी सिखाना चाहिए। जब हम मातृभाषा से प्रेम करेंगे तो देश से अपने आप ही हो जाएगा। कोरोना प्लस के एमडी प्रकाश खड़वरकर ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने आदर्श न्याय व्यवस्था स्थापित कर भेदभाव मुक्त शासन चलवाया। उनके राज्य में भारत एक वैभवशाली व पराक्रमी राष्ट्र के रूप में विश्व में जाना गया। इसलिए हमें उनसे सीखना चाहिए। दृष्टि संस्थान चित्रकूट के संचालक शंकर लाल गुप्ता ने कहा कि सुपात्र की सेवा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। इस मौकेपर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने शहर में विविध क्षेत्रों में योगदान के लिएा 25 लोगों का भी सम्मान किया गया। मेले में मुख्य रूप से डा.हरिभाऊ खांडेकर, रमेश कुमार सिंह, डा.गीता मिश्रा, राममिलन सिंह, डा.दिवाकर मिश्रा, दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे।

इनका हुआ सम्मान
एचसी वर्मा, विजयलक्ष्मी त्रिवेदी, रणजीत सिंह, अशोक आठवले, कर्नल एसएन पांडेय, मनोज सेंगर, डा.सीएम सिंघल, डा.जयनारायण अवस्थी, आनंद शंकर गुप्ता, रामखिलावन सिंह, रमेश मरोलिया, विचित्र नारायण निगम,प्रेम सिंह, विजय सैनी, एसडी श्रीवास्तव, राधेश्याम दीक्षित, पीसी मेहरोत्रा आदि है।
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पांडाल में दिखी देश की संस्कृति
विक्रमादित्य मेले में गुजरात, मणिपुर, दिल्ली, उत्तराखंड, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, यूपी, पंजाब आदि राज्यों की झलक दिखाई दी। मेले में स्वास्थ्य परीक्षण, खिलौने, कृषि, हस्तशिल्प आदि के भी स्टाल लगे थे। इसमें लोगों ने जानकारी के साथ खरीदारी भी की।
 
मेजर जनरल(रिटायर्ड) गगनदीप बख्शी पर एक नजर
इनका जन्म जबलपुर मध्यप्रदेश में हुआ था। इनके पिता और भाई भी आर्मी में थे। सन 65 में भाई की मौत के बाद गगनदीप ने आर्मी में भाई की यूनिट में की नौकरी ज्वाइन की। सन 1971 के युद्ध में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद 83-84 में एंटी टेरिस्ट को रोकने केलिए कश्मीर गए और सफलता प्राप्त की। वहीं 1999 में कारगिल युद्ध में विशेष भूमिका निभाई।
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