कानपुर। मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में हेपेटाइटिस बी संक्रमित मां के शिशु को संक्रमण से बचाने के लिए अब इम्युनोग्लोबुलीन इंजेक्शन मुफ्त लगेगा। पहली बार यह व्यवस्था की गई है। बाहर यह इंजेक्शन छह हजार रुपये का मिलता है। साथ ही यहां हेपेटाइटिस बी और सी का इलाज मुफ्त है।
इंस्टीट्यूट के गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभाग के ट्रीटमेंट सेंटर में रोगियों का इलाज किया जा रहा है। यह सेंटर राष्ट्रीय वायरल हेपिटाइटिस नियंत्रण कार्यक्रम के तहत काम कर रहा है। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ संजय काला ने बताया कि निशुल्क इम्युनोग्लोबुलीन इंजेक्शन उन रोगियों के लिए फायदेमंद होगा जो महंगा इंजेक्शन खरीद कर नहीं ला सकते हैं। गैस्ट्रोइंटोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय कुमार ने बताया कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत हेपेटाइटिस बी एवं सी से संबंधित सभी जांचें व इलाज निशुल्क उपलब्ध है। हेपटाइटिस बी से संक्रमित गर्भवती मां से नवजात शिशु को संक्रमण रोकने के लिए हेपेटाइटिस बी इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन (एचबीआईजी) जरूरी होता है।
इन्हें जरूरी होता है एचबीआईजी इंजेक्शन
-संक्रमित माताओं के नवजात शिशु को पैदा होने के 24 घंटे के अंदर इंजेक्शन लगाया जाता है।
-वे लोग जो हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमित होने के जोखिम में हैं।
-हेपेटाइटिस बी वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज में इंजेक्शन दिया जाता है। खासकर उनको जो इम्युनोसप्रेस्ड हैं या लिवर ट्रांसप्लांट की आवश्यकता है।